Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में शुचिता लाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। शनिवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित ईएसआई हेल्थ केयर (ESI Health Care) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही बरतने वालों के लिए सरकार में कोई जगह नहीं है।
निजी अस्पतालों पर गिरी गाज
बताते चले कि, मुख्यमंत्री ने पानीपत के ईएसआई अस्पताल से जुड़ी गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए त्वरित दंडात्मक कार्रवाई (Immediate Punitive Action) के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान छह निजी अस्पतालों ने मिलीभगत कर अत्यधिक रेफरल किए थे, जिनके दस्तावेजों पर डॉक्टरों के हस्ताक्षरों में विसंगतियां पाई गईं। इसके चलते उन सभी छह अस्पतालों को डी-पैनल करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही, इस गड़बड़ी में संलिप्त पाए गए पानीपत ईएसआई अस्पताल के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspend) कर दिया गया है और पांच चिकित्सा अधीक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
133 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की होगी गहन पड़ताल
आपको बता दे कि, प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की फाइल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंपने का निर्णय लिया है। उन्होंने केवल पानीपत ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर में ईएसआई पैनल पर मौजूद अन्य 133 निजी चिकित्सा संस्थानों के रिकॉर्ड की भी एसीबी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि ईएसआई के नाम पर होने वाली किसी भी वित्तीय अनियमितता (Financial Irregularity) का जड़ से खात्मा जरूरी है, ताकि श्रमिकों के हक का पैसा गलत हाथों में न जाए।
बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन (Infrastructure Upgradation) पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पानीपत ईएसआई अस्पताल की क्षमता 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड की जाए और वहां अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण हो। इसी कड़ी में जगाधरी ईएसआई अस्पताल को 100 बेड और हिसार ईएसआई डिस्पेंसरी को 50 बेड का बनाने के आदेश दिए गए हैं। अस्पतालों में पुराने उपकरणों के स्थान पर आधुनिक मेडिकल तकनीक (Modern Medical Technology) से युक्त मशीनों को लगाने की योजना है।
श्रमिकों को मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआई अस्पतालों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन अधूरे निर्माण कार्यों (Construction Projects) को युद्ध स्तर पर पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों के चालू होने से औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों को घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मैनपावर की कमी होगी दूर
स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही केवल इमारतों से नहीं बल्कि कुशल स्टाफ से होती है, इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईएसआई सिस्टम में चिकित्सकों और पैरा-मेडिकल स्टाफ (Doctors & Para-medical Staff) की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश देते हुए उन्होंने दोहराया कि सरकार का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ इलाज उपलब्ध कराना है।









