Abhijeet Dipke: रोजगार के सवाल पर बड़ा आंदोलन! CJP ने बताया अपना अगला कदम

CJP ने बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। छत्रपति संभाजीनगर में कोर टीम बैठक के बाद संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि रोजगार संकट अब राष्ट्रीय चिंता बन चुका है। संगठन युवाओं को जोड़ने के लिए जनसंवाद, युवा सम्मेलन और जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।

Abhijeet Dipke

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 6, 2026

Abhijeet Dipke: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित CJP (CJP) की कोर टीम बैठक के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी अब केवल युवाओं की व्यक्तिगत परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे देश के सामने खड़ी एक गंभीर राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि CJP आने वाले समय में रोजगार के मुद्दे को लेकर देशभर में व्यापक अभियान चलाएगी और इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार के सवाल पर युवाओं को एकजुट करना मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

बेरोजगारी के खिलाफ CJP का अभियान

बताते चले कि, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी के मुद्दे को हर राज्य और जिले तक पहुंचाना है। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें, जनसंवाद कार्यक्रम, युवा सम्मेलन और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि बेरोजगारी केवल कुछ युवाओं तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है। रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवा भविष्य को लेकर चिंतित हैं और अब इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और समाधान की आवश्यकता है।

युवाओं की बढ़ती भागीदारी पर CJP का जोर

अभिजीत दीपके ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि रोजगार का मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं है।उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नौकरी और रोजगार की समस्या देश के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में शामिल हो चुकी है।उनके अनुसार, यह प्रदर्शन युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखने की मजबूत मिसाल है।

युवाओं को रोजगार के अधिकार के लिए संगठित करने की CJP की रणनीति

CJP ने बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जमीनी स्तर पर अभियान चलाने की रणनीति तैयार की है। संगठन का कहना है कि केवल सोशल मीडिया या सीमित विरोध प्रदर्शन से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए देशभर में युवाओं को जोड़ना होगा।अभिजीत दीपके ने बताया कि संगठन आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में युवाओं से संवाद करेगा और उनकी समस्याओं को सामने लाने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़े मुद्दों को नीति निर्माण के स्तर तक पहुंचाने के लिए जनदबाव जरूरी है।

अभिजीत दीपके की युवाओं से अपील

CJP संस्थापक ने देश के युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और रोजगार के मुद्दे पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और राष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी आंदोलन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रखते हुए आगे बढ़ाएं और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं।

बेरोजगारी के मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस की तैयारी

अभिजीत दीपके ने विश्वास जताया कि यदि देश के युवा रोजगार के मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे, तो यह समस्या राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आएगी. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी जैसे गंभीर विषय पर सरकार, नीति निर्माताओं और समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। CJP का लक्ष्य रोजगार के मुद्दे को व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से एक बड़े आंदोलन में बदलना है, ताकि युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजा जा सके।