CJP Protest Video: दिल्ली पुलिस ने जारी किए 20 जुलाई के वीडियो, सामने आई प्रदर्शन की तस्वीर

CJP Protest Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को ‘कॉकरोज जनता पार्टी’ द्वारा आहूत ‘संसद नेशन मार्च’ ने राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक तूफान ला दिया। सुबह 9 बजे निर्धारित समय पर शुरू हुआ यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते कुछ ही पलों में अत्यंत हिंसक और उग्र हो गया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना के बाद देश भर की राजनीति में उबाल आ गया और विभिन्न दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। इस संवेदनशील मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बेहद कड़ा रुख

CJP Protest Video

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 25, 2026

CJP Protest Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को ‘कॉकरोज जनता पार्टी’ द्वारा आहूत ‘संसद नेशन मार्च’ ने राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक तूफान ला दिया। सुबह 9 बजे निर्धारित समय पर शुरू हुआ यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते कुछ ही पलों में अत्यंत हिंसक और उग्र हो गया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना के बाद देश भर की राजनीति में उबाल आ गया और विभिन्न दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। इस संवेदनशील मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

दिल्ली पुलिस द्वारा 24 जुलाई को जारी किए गए अहम वीडियो

इस पूरे विवाद और हिंसक घटनाक्रम के बीच, दिल्ली पुलिस ने 24 जुलाई को जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सार्वजनिक किए हैं। इन वीडियो साक्ष्यों में 20 जुलाई के दिन सुबह से लेकर शाम तक हुए घटनाक्रम की पूरी परतें खुलती नजर आ रही हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे शुरुआत में भीड़ सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए तमाम बैरिकेड्स को जबरन तोड़ दिया तथा आगे बढ़ने की कोशिश की।

जनपथ मेट्रो, संसद मार्ग और पालिका बाजार की हिंसक तस्वीरें

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए चार प्रमुख वीडियो में 20 जुलाई के दिन दिल्ली की सड़कों पर हुई व्यापक पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ के खौफनाक दृश्य कैद हैं। वीडियो फुटेज में जनपथ मेट्रो स्टेशन, संसद मार्ग, पालिका बाजार, प्रेस क्लब और रायसीना रोड के पीछे के इलाकों में उपद्रवियों की भीड़ नजर आ रही है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ बैरिकेड्स तोड़े, बल्कि आसपास की दुकानों पर भी जमकर पथराव किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

अचानक बदली स्थिति और सुरक्षा कर्मियों पर सुनियोजित हमले

सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि कैसे कुछ ही मिनटों में शांतिपूर्ण दिखने वाला प्रदर्शन अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक दावों के अनुसार, इस उग्र भीड़ के अचानक हुए हमलों और पथराव में विशेष आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 से अधिक सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के साथ-साथ पुलिस के आधिकारिक वाहनों पर भी ईंट-पत्थर बरसाए और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया।

दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े निर्देश और वीडियो साक्ष्यों की सुरक्षा

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमलों के इन मामलों को दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 20 जुलाई को हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान के सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए। अदालत का मानना है कि ये डिजिटल सबूत इस मामले की आगे की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान करने और कानूनी कार्रवाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य साबित होंगे।

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