CJP Protest: आंदोलन पर अड़ा CJP, सरकार के सामने रखीं चार अहम शर्तें

देश में लचर शिक्षा व्यवस्था और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है।

CJP Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 22, 2026

CJP Protest: देश में लचर शिक्षा व्यवस्था और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और विपक्षी दलों का आंदोलन अब बेहद उग्र रूप अख्तियार कर चुका है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी बवाल और पुलिसिया कार्रवाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के सामने चार बड़ी शर्तें रख दी हैं। संगठन का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह देशव्यापी आंदोलन थमने वाला नहीं है। बुधवार शाम को CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी इन शर्तों को सार्वजनिक किया।

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CJP की सरकार के सामने 4 शर्तें

कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार के समक्ष जो चार प्रमुख मांगें रखी हैं, वे इस प्रकार हैं:

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जाए।

मुकदमों की वापसी: शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे प्रदर्शनकारी छात्रों और नागरिकों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों को बिना शर्त वापस लिया जाए।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बर्बरता करने और अत्याचार ढाने में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को चिन्हित कर उन पर कानूनी मुकदमा चलाया जाए।

जंतर-मंतर पर भारी जनसैलाब

इससे पहले, 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के समर्थन में एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा, जिसमें देश की हर पीढ़ी के लोग और भारी संख्या में छात्र शामिल हुए।

संसद कूच के दौरान झड़प: यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन उस समय हिंसक झड़प में बदल गया जब प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर कूच करने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई।

लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले: स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों और आम जनता के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में भी लिया।

स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात: इस तनाव के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे इस संवेदनशील विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने देश के एजुकेशन सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए:

गड़बड़ा गई पूरी शिक्षा प्रणाली: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देश के भीतर रिकॉर्ड 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आज तक इन मामलों में किसी भी बड़े दोषी को कड़ी सजा नहीं मिली है।

छात्रों पर हथियार क्यों?: प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि देश के नौजवान सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, जो उनका हक है। ऐसे में सुरक्षा बल उन पर लाठियां और हथियार ताने क्यों खड़े हैं?

तनाव में दम तोड़ते बच्चे: राहुल गांधी ने भावुक होते हुए कहा कि देश का युवा सालों तक कड़ी मेहनत करता है, भारी मानसिक तनाव से गुजरता है और अंत में उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। इस व्यवस्था से तंग आकर कई बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली है, जिसकी जवाबदेही सरकार को तय करनी होगी।

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