Cockroach Janta Party Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दीपके शनिवार सुबह ठीक 7:45 बजे अमेरिका से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। विमान से उतरने के बाद उन्हें एयरपोर्ट से बाहर आने में करीब एक घंटे का वक्त लगा, हालांकि इस देरी का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। टर्मिनल से बाहर आते ही अभिजीत ने प्रतीकात्मक रूप से बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की किताब को अपने हाथ में उठाकर हवा में लहराया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि देश के युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
जंतर-मंतर पर ऐतिहासिक प्रदर्शन
दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर मैदान आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पहले बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है। अभिजीत दीपके ने भारत की धरती पर कदम रखते ही जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन को लेकर अपनी हुंकार भर दी है। उन्होंने पहले ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से देशभर के छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और अपने समर्थकों से इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल होने की पुरजोर अपील की थी। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की चरमरा चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ सरकार को जगाना है।
परीक्षा धांधली के खिलाफ आक्रोश
यह प्रदर्शन देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक NEET-UG के पेपर लीक मामले और इसके साथ ही CBSE, CUET तथा SSC-GD जैसी अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई प्रशासनिक गड़बड़ियों और धांधली के खिलाफ आयोजित किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि इन सरकारी लापरवाहियों के कारण देश के करोड़ों होनहार युवाओं का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में लटक गया है। परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होने से छात्रों का सिस्टम पर से भरोसा उठ चुका है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही अभिजीत दीपके ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया। दीपके ने अत्यंत दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की नाकामियों और मानसिक तनाव के कारण अब तक देश के पांच मासूम छात्र आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े इन संवेदनशील मामलों पर अब कोई राजनीति नहीं होगी और जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।
समर्थकों के लिए विशेष गाइडलाइन
जंतर-मंतर पर होने वाले इस विशाल विरोध प्रदर्शन को अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शन में शामिल होने वाले आम समर्थकों के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। इस नियमावली में पार्टी की ओर से समर्थकों से कुल 8 अहम अपीलें की गई हैं। पार्टी ने युवाओं से कहा है कि वे भीषण गर्मी को देखते हुए चेहरे पर सनस्क्रीन लगाकर आएं, सुबह का नाश्ता अच्छी तरह से करके घर से निकलें, और अपने हाथों में देश की आन-बान-शान का प्रतीक तिरंगा झंडा, शांति का संदेश देने वाले फूल और ज्ञान का प्रतीक कोई भी किताब अवश्य लेकर पहुंचें।
मध्य पूर्व में तनाव का साया
एक तरफ जहां भारत की राजधानी दिल्ली में छात्रों के भविष्य को लेकर घरेलू राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक मोर्चे पर मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में युद्ध के काले बादल एक बार फिर बेहद गहरे हो गए हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव अब खतरनाक रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों के सीधे युद्ध तक पहुंच गया है। ईरान की इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त हो गया है और वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमला
ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों की दिशा में एक के बाद एक लगातार सात घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सैन्य बयान के मुताबिक, ईरानी सेना द्वारा किए गए इस भीषण मिसाइल हमले के तुरंत बाद अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम अत्यधिक मुस्तैदी के साथ एक्टिव हो गया। अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने तत्परता दिखाते हुए सात में से छह ईरानी मिसाइलों को आसमान में बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
सातवीं मिसाइल हुई फेल, कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों (सेंटकॉम) ने आगे जानकारी देते हुए पुष्टि की है कि ईरान की सातवीं बैलिस्टिक मिसाइल किसी अज्ञात तकनीकी खराबी या रडार से भटकने के कारण अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विफल हो गई। राहत की बात यह रही कि इस बेहद आक्रामक और सीधे मिसाइल हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक या नागरिक के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, इस हमले के बाद से मध्य पूर्व में दोनों परमाणु शक्तियों और उनके सहयोगियों के बीच सीधे पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका कई गुना बढ़ गई है।
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