मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना निदेशालय का किया दौरा, डिजिटल और भू-स्थानिक तकनीक पर जोर

जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जनगणना कार्य निदेशालय का दौरा कर निदेशालय की विभिन्न कोर गतिविधियों, जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण की सफलतापूर्वक पूर्णता तथा भविष्य की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्य सचिव ने  सांख्यिकीय टीम के प्रति स्नेह और उत्साह व्यक्त किया तथा निदेशालय के उच्च सांख्यिकीय मानकों की सराहना की। हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का सफल समापन मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस) का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। निदेशालय

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अगस्त 3, 2026

जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जनगणना कार्य निदेशालय का दौरा कर निदेशालय की विभिन्न कोर गतिविधियों, जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण की सफलतापूर्वक पूर्णता तथा भविष्य की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्य सचिव ने  सांख्यिकीय टीम के प्रति स्नेह और उत्साह व्यक्त किया तथा निदेशालय के उच्च सांख्यिकीय मानकों की सराहना की।

हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का सफल समापन
मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस) का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। निदेशालय अब आगामी फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना के द्वितीय चरण  की तैयारियों में जुट गया है, जिसके लिए प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं।

राष्ट्रीय नीति-निर्माण में सांख्यिकी का महत्व और राजस्थान की अग्रणी भूमिका
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेमोग्राफिक चेंज कमेटी, जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र भी शामिल हैं, के साथ हाल ही में हुई चर्चाओं में सांख्यिकीय डेटा को नियमित रूप से अद्यतन करने के महत्व पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि एवं जनसंख्या के सटीक आंकड़े ही पारदर्शी और प्रभावी नीति-निर्माण की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान अपनी सुदृढ़ सांख्यिकीय डेटाबेस प्रणालियों तथा अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की नियमित प्रकाशन परंपरा के कारण देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में अग्रणी स्थान रखता है।

जिला जनगणना हस्तपुस्तिका और प्रशासनिक एटलस का अद्यतन
समीक्षा बैठक के दौरान जिला जनगणना हस्तपुस्तिका एवं प्रशासनिक एटलस के त्वरित अद्यतन पर विशेष बल दिया गया। प्रदेश में जिलों, तहसीलों और उप-मंडलों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में यह दस्तावेज अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि डिजिटल तकनीक और भू-स्थानिक उपकरणों के कुशल उपयोग से शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में और अधिक सहायता मिलेगी।

बैठक के समापन पर मुख्य सचिव ने निदेशालय के सभी सांख्यिकीय अन्वेषकों एवं अधिकारियों के योगदान की सराहना की और कहा कि जनगणना से जन कल्याण के विजन को साकार करने में सांख्यिकी संवर्ग की भूमिका सर्वोपरि है। आगामी 17 अगस्त से पूर्व भू-स्थानिक एवं डिजिटल टूल्स के उपयोग पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने निदेशालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी दिया।