Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इन दिनों आस्था, भक्ति और समर्पण का ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। चारों तरफ ‘हर-हर महादेव’, ‘बद्री विशाल’ और ‘सत श्री अकाल’ के गगनभेदी जयकारों की गूंज है। यमुनोत्री की ऊंची चोटियों से लेकर बद्रीनाथ के पावन धाम तक, श्रद्धालुओं की उमड़ती भारी भीड़ इस बात का सुबूत है कि कठिन रास्ते और पहाड़ों की थकान भी भक्तों के हौसले के आगे पस्त हो चुकी है।
वर्ष 2026 की इस चारधाम यात्रा ने शुरुआत के महज 35 दिनों के भीतर एक ऐसा नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 19 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद से लेकर 23 मई 2026 तक कुल 20 लाख 76 हजार 553 तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों में मत्था टेक चुके हैं।
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केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा उमड़े भक्त
इस साल की यात्रा में भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के प्रति श्रद्धालुओं में सबसे ज्यादा क्रेज देखा जा रहा है। समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की दुर्गम ऊंचाई पर स्थित बाबा केदार के दरबार में अब तक 8 लाख 11 हजार 923 भक्त हाजिरी लगा चुके हैं।
इसके अलावा अन्य तीन धामों में भी आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं:
बद्रीनाथ धाम: 5 लाख 56 हजार 437 श्रद्धालु
यमुनोत्री धाम: 3 लाख 56 हजार 031 श्रद्धालु
गंगोत्री धाम: 3 लाख 52 हजार 162 श्रद्धालु
शनिवार को टूटा महा-रिकॉर्ड
बीते शनिवार (23 मई) का दिन इस यात्रा सीजन का सबसे ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। इस अकेले दिन में चारों धामों को मिलाकर कुल 96 हजार 116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो इस साल का एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। शनिवार को सबसे ज्यादा भीड़ बद्रीनाथ धाम में रही, जहां रिकॉर्ड 32,219 श्रद्धालु पहुंचे। वहीं केदारनाथ में 29,787, गंगोत्री में 17,897 और यमुनोत्री में 16,213 भक्तों ने दर्शन कर पुण्य कमाया।
कड़े इंतजाम और प्रशासन अलर्ट
श्रद्धालुओं की इस अप्रत्याशित और रिकॉर्डतोड़ संख्या के बावजूद उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के कारण यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।
सरकार का सख्त रुख: मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पल-पल बदलता है, इसलिए हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा से कोई समझौता न हो। आपदा प्रबंधन (SDRF) और राहत-बचाव दल पहाड़ों के संवेदनशील रास्तों पर पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात हैं।
हेमकुंड साहिब के कपाट भी खुले
चारधाम यात्रा की इस भारी भीड़ के बीच शनिवार को सिखों के विश्व प्रसिद्ध पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी देश-विदेश के संगत के लिए खोल दिए गए हैं। पंच प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का पहला जत्था बर्फबारी के बीच सुबह धाम के लिए रवाना हुआ।
जैसे ही कपाट खुले, पूरी लोकपाल घाटी “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों से सराबोर हो गई। कपाट खुलने के पहले ही दिन 6 हजार 605 श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब में मत्था टेका और पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी और उसकी आत्मा की जीवंत अभिव्यक्ति बन चुकी है।










