नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी, भीड़ के दबाव में कई भक्त घायल; अस्पताल में भर्ती

उज्जैन  मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक शहर उज्जैन (Ujjain) में महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर (Sri Nagchandreshwar Temple) के दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतार में सोमवार को हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप अचानक अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कैसे फैली अफवाह और मची भगदड़? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैरिकेडिंग के भीतर एक डीपी (DP) के समीप करंट फैलने की झूठी अफवाह फैल गई। इस अफवाह के कारण दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़े लोगों में अचानक दहशत फैल गई, जिससे वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु बैरिकेड्स से

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Published On :

अगस्त 17, 2026

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उज्जैन
 मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक शहर उज्जैन (Ujjain) में महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर (Sri Nagchandreshwar Temple) के दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतार में सोमवार को हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप अचानक अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

कैसे फैली अफवाह और मची भगदड़?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैरिकेडिंग के भीतर एक डीपी (DP) के समीप करंट फैलने की झूठी अफवाह फैल गई। इस अफवाह के कारण दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़े लोगों में अचानक दहशत फैल गई, जिससे वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु बैरिकेड्स से टकराकर नीचे गिर गए और घायल हो गए।

भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. कुछ लोगों के गिरने और बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, घटना में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की बात सामने आई है। 

सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान महाकाल के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के विशेष दर्शन को लेकर सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ बनी हुई थी. जानकारी के मुताबिक, अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं, इसलिए यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। 

मंदिर समिति ने इन खबरों का खंडन करते हुए श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. समिति के मुताबिक, नागपंचमी, सावन सोमवार और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रही. अब तक करीब 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. अलग-अलग मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं. समिति ने श्रद्धालुओं से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और भ्रामक या अपुष्ट खबरें साझा नहीं करने की अपील की है। 

पैरों में गंभीर चोट आई

भगदड़ के दौरान बेरिकैड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है. सभी घायलों का चरक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है. घटना के बाद कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला. फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू है। 

घायलों की सूची और अस्पताल में इलाज
इस हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय चरक अस्पताल (Charak Hospital) पहुंचाया गया। घायलों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

    हिंदू बाई (निवासी ढांचा भवन, उज्जैन)

    सागर पुत्र मनीष (उम्र 19 वर्ष, निवासी किशनपुरा, उज्जैन)

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    लक्ष्मीबाई (निवासी ढांचा भवन, उज्जैन)

    अनसूया व उनकी मां ममता (निवासी गंजबासौदा)

    हरिश्चंद्र (निवासी ग्राम सिलवासा, वापी, गुजरात) – जिनके पैरों में गंभीर चोट आई है।

    सोनम (उम्र 18 वर्ष, ग्वालियर)

    सुजीत कुमार (दरभंगा, बिहार)

    खुशी (ग्वालियर)

    तुलसी व उनकी मां रेखा बाई (वलसाड, गुजरात)

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में किया। कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था जरूर प्रभावित हुई थी, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति को जल्द ही सामान्य कर लिया गया। फिलहाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है।

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