Chandra Grahan 2026: कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण? जानें तारीख और सूतक का समय

साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भारत में दिखाई देगा और इसके कारण सूतक काल भी लागू होगा। यह चंद्र ग्रहण ब्लड मून के रूप में दिखाई देगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 18, 2026

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद अब पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ेगा, जो होली के त्योहार के आसपास का समय है। खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कई नियमों का पालन किया जाता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक खगोलीय घटना है।

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चंद्र ग्रहण क्यों लगता है?

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कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण?

धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण राहु और केतु के कारण लगता है। वहीं खगोल विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा लाल या नारंगी रंग का दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

चंद्र ग्रहण की तारीख

दृक पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगेगा। इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रातःकाल से लेकर शाम 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगी।

चंद्र ग्रहण का समय

इस ग्रहण की शुरुआत उपच्छाया स्पर्श से दोपहर 2:16 बजे होगी और अंतिम स्पर्श शाम 7:52 बजे तक रहेगा। प्रच्छाया स्पर्श दोपहर 3:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे समाप्त होगा। खग्रास ग्रहण शाम 4:35 बजे से 5:33 बजे तक रहेगा, जबकि परमग्रास का समय 5:04 बजे बताया गया है। सरल शब्दों में कहें तो मुख्य चंद्र ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा।

सूतक काल कब से लगेगा?

पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस आधार पर 3 मार्च को लगने वाले ग्रहण का सूतक सुबह 9:39 बजे से प्रारंभ होगा और ग्रहण समाप्ति यानी शाम 6:46 बजे तक रहेगा। सूतक काल में स्नान, दान, पूजा-पाठ, भोजन पकाना और खाना, सोना तथा किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। कई मंदिरों के कपाट भी इस दौरान बंद कर दिए जाते हैं।

कहां-कहां दिखाई देगा ग्रहण?

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कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में देखा जा सकेगा और देश के बड़े शहरों में आंशिक रूप से दिखाई देगा। इसके अलावा यह पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी और मध्य अमेरिका तथा सुदूर पश्चिमी दक्षिण अमेरिका में भी नजर आएगा। मध्य एशिया और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा, जबकि अफ्रीका और यूरोप में यह दृश्य नहीं होगा।

राशि और नक्षत्र

यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लगेगा और उस समय पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। साथ ही धृति योग का संयोग भी बनेगा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस प्रकार 3 मार्च 2026 को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण धार्मिक और खगोलीय दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।