Champat Rai statement: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस पूरे विवाद के केंद्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय हैं, जिन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। 80 वर्षीय चंपत राय इस समय एकांतवास में हैं और एसआईटी (SIT) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस कठिन समय में अपने करीबियों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी बेगुनाही और संकल्प को दोहराया है।
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‘ईश्वर पर भरोसा, आरोप वे ही हटाएंगे’
अपने बेहद करीबी सहयोगियों के साथ चर्चा करते हुए चंपत राय ने अत्यंत भावुक अंदाज में कहा, “अयोध्या में मेरी सेवा पूरी हो चुकी है, मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। लेकिन मैं अपने दामन पर कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा।” तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक बेहद साधारण कमरे में रह रहे चंपत राय ने अपने बिस्तर के पास रखी भगवान राम की मूर्ति की ओर इशारा करते हुए दृढ़ता के साथ कहा, “जब उन्होंने (राम जी) यह सब करवाया है, तो इन आरोपों को भी वे ही हटाएंगे। मुझे किस बात की चिंता है?” उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वे खुद को पूरी तरह रामलला को समर्पित मानते हैं और उन्हें न्याय मिलने का पूरा भरोसा है।
टिन्नू यादव पर जताया गहरा विश्वासघात
इस पूरे प्रकरण में चंपत राय ने अपने विश्वासपात्र रहे टिन्नू यादव का नाम लेते हुए दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिन्नू यादव ने उनके साथ धोखा किया है और उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा कदम उठाएगा। गौरतलब है कि चंपत राय के इस बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। फिलहाल, वे एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और माना जा रहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद वे जनता के सामने अपना विस्तृत पक्ष रखेंगे।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
राम मंदिर के चढ़ावे का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उन्हें राम मंदिर से संबंधित कुछ ऐसी जानकारी मिली है, जो पहले अविश्वसनीय लग रही थी, लेकिन पुष्टि होने के बाद वह सही पाई गई है। केजरीवाल इस मुद्दे पर जल्द ही बड़ा खुलासा करने की तैयारी में हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में केवल चंपत राय ही नहीं, बल्कि कई बड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी चंदे का कोई व्यवस्थित हिसाब-किताब नहीं था।
फिलहाल, पूरा देश एसआईटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है। चंपत राय की भावुक अपील और विपक्ष के गंभीर आरोपों के बीच, मंदिर की विश्वसनीयता और प्रशासन की पारदर्शिता पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद सत्य क्या निकलकर सामने आता है।
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