Chamoli Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन THDC टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय टनल के भीतर मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे। अचानक तेज बहाव आने से उन्हें संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला और कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
22 मजदूरों के फंसे होने की मिली जानकारी
शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे के समय टनल में करीब 22 मजदूर मौजूद थे। पानी और मलबा भरने के बाद कुछ मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई अंदर फंस गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान अलग-अलग समय पर मजदूरों को बाहर निकाला गया। प्रशासन के मुताबिक 20 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया।
विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना का हिस्सा है टनल
हादसे वाली सुरंग चमोली जिले में बन रही 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है। यह परियोजना THDC इंडिया लिमिटेड द्वारा अलकनंदा नदी पर विकसित की जा रही है। परियोजना में 111 मेगावाट की चार इकाइयां शामिल हैं। मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में टनल निर्माण का काम हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी HCC द्वारा किया जा रहा था।
शाम करीब सात बजे हुआ हादसा
बताया गया कि गुरुवार शाम करीब 6:45 से 7:05 बजे के बीच टनल के भीतर अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ। कुछ ही समय में पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी अंदर पहुंच गया। अचानक आई इस स्थिति से मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर बाहर निकलने में सफल हुए, लेकिन कुछ पानी और मलबे के बीच फंस गए।
NDRF, SDRF और सेना ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत-बचाव अभियान में NDRF, SDRF, ITBP और सेना की टीमें लगाई गईं। पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां भी अभियान में सहयोग कर रही हैं। बचावकर्मी पानी और मलबे के बीच सावधानी से आगे बढ़ते हुए फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। मौके पर एंबुलेंस और आवश्यक मशीनरी भी तैनात की गई।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
रेस्क्यू किए गए मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया। कई मजदूरों को चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। एक घायल मजदूर को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
हादसे में सात मजदूरों की मौत
इस दुर्घटना में सात मजदूरों की मौत की भी जानकारी सामने आई है। मृतकों में प्रदीप पंवार निवासी गांवर, चंबा, टिहरी के अलावा मुकेश और दुर्लभ शर्मा के नाम बताए जा रहे हैं। हालांकि हादसे में मृतकों और प्रभावित मजदूरों की अंतिम संख्या प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से स्पष्ट किए जाने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने बुलाई आपात बैठक
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित आपात परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने राहत और बचाव अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायल मजदूरों से बातचीत कर उनका हाल भी जाना और सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मौसम को देखते हुए बढ़ाई गई सतर्कता
चमोली में मौसम संबंधी अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक पानी और मलबा आने की घटनाओं को देखते हुए बचाव टीमों को सावधानी से अभियान चलाने को कहा गया है।
टनल में रेस्क्यू अभियान जारी
मायापुर-पीपलकोटी टनल हादसे के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है। पानी और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और टनल के भीतर की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। हादसे के चलते जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है।
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