15 August 2026: लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम्, 5 हजार खास मेहमानों से सजेगा समारोह

15 अगस्त 2026 का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंजेगा और करीब 5,000 विशिष्ट मेहमान समारोह के साक्षी बनेंगे। इस बार युवा शक्ति और विकसित भारत@2047 पर भी खास जोर रहेगा। आखिर समारोह में और क्या खास होगा?

15 August 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 14, 2026

15 August 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले से देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्ष पुरानी विरासत को याद किया जाएगा। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका, ऊर्जा और आकांक्षाओं को प्रमुखता दी जाएगी। लाल किले के मुख्य समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम’ की विशेष प्रस्तुति भी होगी।

प्रधानमंत्री के स्वागत से शुरू होगी समारोह की औपचारिक प्रक्रिया

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। इसके बाद रक्षा सचिव उन्हें दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग से मिलवाएंगे। प्रधानमंत्री को सैल्यूटिंग बेस तक ले जाया जाएगा, जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी उन्हें ‘जनरल सैल्यूट’ देगी। इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे।

चारों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी देगी सलामी

प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के अधिकारी तथा जवान शामिल होंगे। इस बार भारतीय सेना समारोह की समन्वयक सेवा की भूमिका निभा रही है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे। विभिन्न टुकड़ियों की कमान सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के निर्धारित अधिकारी संभालेंगे।

21 तोपों की सलामी के साथ फहराया जाएगा तिरंगा

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे। वहां रक्षा और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस दौरान 1721 फील्ड बैटरी की सेरेमोनियल टुकड़ी स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी देगी। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण में सहायता करेंगी।

वंदे मातरम की धुन पर गूंजेगा लाल किला

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस का नेशनल फ्लैग गार्ड ‘राष्ट्रीय सलामी’ देगा। इसके बाद सेना का बैंड ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाएगा और उपस्थित लोग राष्ट्रगीत के साथ राष्ट्रगान भी गाएंगे। भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर भी समारोह के दौरान पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम’ ध्वज लेकर उड़ान भरेगा।

प्रधानमंत्री देंगे देश के नाम संबोधन

पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। उनके भाषण के बाद NCC कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान प्रस्तुत करेंगे। समारोह में लगभग 2,500 लड़के-लड़कियां और स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। ये प्रतिभागी ज्ञानपथ पर बैठकर ‘वंदे मातरम’ की आकृति बनाएंगे।

5 हजार विशेष मेहमान होंगे समारोह का हिस्सा

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें महिला उद्यमी, MY Bharat स्वयंसेवक, स्ट्रीट वेंडर, सफाई कर्मचारी, युवा इनोवेटर, वैज्ञानिक, टैक्सी चालक, प्रशिक्षित युवा, स्टार्टअप संस्थापक, कारीगर, किसान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के उत्कृष्ट लाभार्थी शामिल होंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।

राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में दिखेगी भारत की विविधता

स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक परिधान पहनकर आने वाले 1,500 से अधिक लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। इससे समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता का रंग देखने को मिलेगा।

मेहमानों के लिए विशेष सुविधाओं की तैयारी

दर्शकों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर कुल 25 क्लोकरूम बनाए गए हैं। करीब 200 स्वयंसेवक, जिनमें NCC और MY Bharat के सदस्य शामिल हैं, आगंतुकों को उनके निर्धारित एन्क्लोजर तक पहुंचने में मदद करेंगे। दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों के लिए मेट्रो स्टेशनों तथा पार्किंग क्षेत्रों में व्हीलचेयर सहायता भी उपलब्ध रहेगी।

सुबह चार बजे से शुरू होगी मेट्रो सेवा

15 अगस्त को समारोह में आने वाले आमंत्रित लोगों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे से शुरू होगी। ई-निमंत्रण पत्र के साथ मेट्रो का QR कोड उपलब्ध कराया जा रहा है। वैध पार्किंग पास रखने वाले लोगों के लिए परेड ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था होगी। पैदल आवाजाही आसान बनाने के लिए मजबूत रैंप और सीढ़ियां भी तैयार की गई हैं।

गूगल और Mappls पर मिलेगी ट्रैफिक जानकारी

मुख्य समारोह के दिन दिल्ली में यातायात से जुड़ी पाबंदियों और रूट संबंधी जानकारी नागरिकों को Google और Mappls मैप्स के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। मौसम को देखते हुए कुछ स्थानों पर आमंत्रित मेहमानों के लिए रेन पोंचो की व्यवस्था भी की गई है।

झीलों के नाम पर होंगे दर्शक एन्क्लोजर

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में दर्शकों के बैठने वाले एन्क्लोजर के नाम भारत की प्रमुख झीलों पर रखे गए हैं। इनमें चिल्का, लोकटक, पैंगोंग त्सो, वुलर, पुष्कर, वेम्बनाड, हुसैन सागर, भीमताल और अन्य प्रमुख झीलें शामिल हैं। इसका उद्देश्य समारोह को प्रकृति और जल संरक्षण के संदेश से भी जोड़ना है।

समारोह के बाद चलेगा स्वच्छता अभियान

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद NCC कैडेट और MY Bharat स्वयंसेवक लाल किले तथा आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाएंगे। इसके तहत ‘प्लॉगिंग’ के जरिए कचरा एकत्र किया जाएगा और समारोह स्थल को व्यवस्थित तरीके से साफ किया जाएगा। बारिश की संभावना को देखते हुए ड्रेनेज और सीवेज व्यवस्था की सफाई भी की जा रही है।

क्विज और प्रतियोगिताओं के विजेता भी होंगे शामिल

रक्षा मंत्रालय ने MyGov के साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस से पहले कई प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत बनाने में AI की भूमिका’ पर निबंध और ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता शामिल हैं। संविधान, महिला स्वतंत्रता सेनानियों, तकनीकी विकास, अंतरिक्ष और परमाणु प्रौद्योगिकी से जुड़े ऑनलाइन क्विज भी आयोजित किए गए। इनके करीब 600 विजेता समारोह में शामिल होंगे।

देशभर में 343 स्थानों पर बैंड प्रदर्शन

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर के 343 प्रमुख स्थानों पर सैन्य और सुरक्षा बलों के बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, RPF और असम राइफल्स के बैंड इसमें भाग ले रहे हैं। इन कार्यक्रमों में आम नागरिक भी शामिल हो सकते हैं।

द्वीपों पर भी फहराया जाएगा तिरंगा

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में भारतीय नौसेना और स्थानीय प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव देश के मुख्य भूभाग के साथ दूरदराज के द्वीपों तक भी राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश पहुंचाएगा।

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