CG CM Press Conference: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “विकसित भारत जी रामजी योजना” को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, आजीविका के नए अवसर तैयार करना और ग्रामीण विकास को नई दिशा देना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ इस योजना को आगे बढ़ा रही है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि इस योजना के तहत नए प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि रोजगार की अवधि बढ़ने से गांवों में रहने वाले लोगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उन्हें काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अपने क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत बने।
318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत कुल 318 प्रकार के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक प्राथमिकता जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को दी गई है। योजना में 107 प्रकार के जल संरक्षण संबंधी कार्य शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसके अलावा 90 प्रकार के ग्रामीण विकास कार्य भी किए जाएंगे, जिनसे गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
पुस्तकालय और पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाओं पर रहेगा फोकस
सरकार ने योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके अंतर्गत गांवों में पुस्तकालयों का निर्माण, पशु चिकित्सालयों की स्थापना तथा अन्य आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन से जुड़ी सेवाएं बेहतर होंगी। साथ ही गांवों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों का जीवन स्तर भी सुधरेगा।
आजीविका और पशुपालन को मिलेगा नया आधार
योजना में ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्यों को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य खेती के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। इसके लिए पशुपालन से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के स्रोत मिलेंगे और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का विश्वास है कि यह पहल गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भी विशेष प्रावधान
विकसित भारत जी रामजी योजना में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया है। योजना के तहत 35 प्रकार के जलवायु अनुकूल कार्य किए जाएंगे। इनमें बाढ़, चक्रवात, आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए आवश्यक संरचनाएं और उपाय विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल साबित होगी।
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