Census Duty Haryana : हरियाणा, भारत के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से जनगणना ड्यूटी के आवंटन और लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नतियों को लेकर शिक्षक संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इसी मुद्दे पर हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान सतपाल सिंधु के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा महानिदेशक जितेंद्र दहिया को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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जनगणना ड्यूटी में अनियमितताओं पर शिक्षकों का विरोध
बैठक के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा जनगणना ड्यूटी के आवंटन में नियमों की अनदेखी का रहा। शिक्षक संगठन ने आरोप लगाया कि ड्यूटी लगाते समय पदानुक्रम (Hierarchy) का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर वरिष्ठ शिक्षकों को ऐसे कार्य सौंपे जा रहे हैं जो उनके पद और अनुभव के अनुरूप नहीं हैं। इस स्थिति से प्रदेशभर के शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। संगठन ने इसे अनुचित और असंतुलित व्यवस्था बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।
शिक्षा विभाग का आश्वासन, सुधार के संकेत
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा महानिदेशक जितेंद्र दहिया ने कहा कि वे इस विषय पर जनगणना विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि फील्ड स्तर पर स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों का सम्मान सुनिश्चित हो सके।
पदोन्नति मामलों में देरी पर चिंता
शिक्षकों ने लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों को भी प्रमुखता से उठाया। विशेष रूप से पीजीटी से प्राचार्य पद पर पदोन्नति में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई गई। शिक्षकों का कहना है कि योग्य होने के बावजूद फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं।
महानिदेशक ने भरोसा दिलाया कि पदोन्नति प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और इस मुद्दे को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के साथ साझा कर जल्द निर्णय लिया जाएगा। खासकर मेवात कैडर से जुड़ी फाइलों पर जल्द कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी गठित
इसी बीच शिक्षा विभाग ने राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत एक तीन सदस्यीय कमेटी सभी सरकारी और निजी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों का दौरा करेगी।
कमेटी निम्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी:
संस्थानों का बुनियादी ढांचा
शिक्षण गुणवत्ता और शैक्षणिक गतिविधियां
छात्रों को उपलब्ध सुविधाएं और संसाधन
शिक्षा सुधार की दिशा में पहल
शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग के बीच हुई यह बातचीत सकारात्मक मानी जा रही है। यदि जनगणना ड्यूटी और पदोन्नति जैसे मुद्दों का समाधान समय पर किया जाता है, तो इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विभाग इन आश्वासनों को कितनी तेजी से जमीन पर लागू करते हैं और शिक्षकों को कब तक राहत मिलती है।









