CBSE OSM Controversy : CBSE ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद, राहुल गांधी और शिक्षामंत्री प्रधान आमने-सामने; तेज हुई जुबानी जंग

सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित तकनीकी खामियों को लेकर देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा पलटवार किया है। जानिए इस महा-विवाद के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

CBSE OSM Controversy :

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 28, 2026

CBSE OSM Controversy :  सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में कथित हेरफेर को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। राहुल गांधी द्वारा नतीजों में छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के बाद शिक्षा मंत्री ने उन पर कड़ा प्रहार किया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां बार-बार चुनावी शिकस्त से पैदा हुई उनकी हताशा और निराशा को साफ दर्शाती हैं।

राहुल गांधी देश की वैज्ञानिक प्रगति के विरोधी: शिक्षा मंत्री का बड़ा हमला

धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे एक अलग ही मानसिक स्थिति में पहुंच चुके हैं। लगातार मिल रही चुनावी हार ने उन्हें हताश कर दिया है। शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने हमेशा भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति का विरोध किया है। उन्होंने ‘एसआईआर’ (SIR), ईवीएम (EVM) और डिजिटल इंडिया का विरोध किया। प्रधान के अनुसार, राहुल गांधी देश के विकास के साथ खड़े दिखाई नहीं देते। उन्होंने नसीहत दी कि राजनीति बाद में भी हो सकती है, लेकिन इस समय सबसे जरूरी छात्रों और परीक्षार्थियों के मानसिक तनाव को कम करना है।

राहुल गांधी का पलटवार: 18.5 लाख छात्रों के भविष्य के लिए मांगेंगे जवाब

शिक्षा मंत्री के इस तीखे हमले पर राहुल गांधी ने भी बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। कांग्रेस नेता ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधान का यह राजनीतिक हमला उन्हें शांत नहीं कर सकता। वे देश के 18.5 लाख छात्रों के हक के लिए सरकार से जवाब मांगते रहेंगे। राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ करार दिया है और कहा कि वे इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

COEMPT कंपनी को ठेका देने पर उठे गंभीर सवाल

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में ‘COEMPT’ नामक कंपनी को ठेका दिए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कंपनी पहले भी किसी अन्य नाम से विवादों के घेरे में रह चुकी है। गांधी ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि क्या इस कंपनी को काम देने से पहले इसका बैकग्राउंड चेक नहीं किया गया था? या फिर जानबूझकर सभी चिंताओं और गड़बड़ियों को नजरअंदाज कर दिया गया।

सरकार की लापरवाही उजागर

कांग्रेस नेता ने सरकार को दो टूक शब्दों में घेरते हुए कहा कि या तो आपने कंपनी का बैकग्राउंड चेक करने के बाद भी उसे आगे बढ़ाया, या फिर आपने जांच करने की जहमत ही नहीं उठाई। इन दोनों ही परिस्थितियों में सरकार इस बड़ी गड़बड़ी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच में देश के युवाओं की परवाह है, तो लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने मानी नतीजों में गड़बड़ी

चौतरफा दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार स्वीकार किया है कि नतीजों के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं। सरकार ने इस चूक की पूरी जिम्मेदारी ली है और भविष्य में सुधार के ठोस कदम उठाने का वादा किया है। प्रधान ने आश्वासन दिया कि अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी छात्र की शिकायत अनसुनी न रहे और सभी स्तरों पर जवाबदेही तय हो। बोर्ड ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए पुनर्मूल्यांकन (revaluation) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, ओएसएम (OSM) तकनीक की निगरानी और देखरेख का जिम्मा अब आईआईटी (IIT) कानपुर और आईआईटी (IIT) मद्रास जैसी देश की शीर्ष तकनीकी संस्थाओं को सौंप दिया गया है।

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