CBSE: पढ़ाई में बड़ा बदलाव, 9वीं के सिलेबस में AI और स्किल-बेस्ड फोकस

नई दिल्ली सीबीएसई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी ने सिलेबस में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका मकसद बच्चों की रटने की आदत खत्म कर उन्हें समझ के साथ सीखने की ओर बढ़ाना है। नए सत्र से सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई पहले से ज्यादा आसान और दिलचस्प होगी। अब बच्चों को सिर्फ किताबें याद करने के बजाय चीजों को समझने और practically सीखने पर जोर दिया जाएगा। कक्षाओं को भी इंटरैक्टिव बनाया जाएगा, ताकि बच्चे सवाल पूछ सकें और खुलकर सीख सकें। स्कूलों ने अभिभावकों से

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Published On :

मार्च 25, 2026

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नई दिल्ली

सीबीएसई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी ने सिलेबस में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका मकसद बच्चों की रटने की आदत खत्म कर उन्हें समझ के साथ सीखने की ओर बढ़ाना है।

नए सत्र से सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई पहले से ज्यादा आसान और दिलचस्प होगी। अब बच्चों को सिर्फ किताबें याद करने के बजाय चीजों को समझने और practically सीखने पर जोर दिया जाएगा। कक्षाओं को भी इंटरैक्टिव बनाया जाएगा, ताकि बच्चे सवाल पूछ सकें और खुलकर सीख सकें। स्कूलों ने अभिभावकों से कहा है कि वे बच्चों के लिए केवल नई एनसीईआरटी की किताबें ही खरीदें, क्योंकि सिलेबस में काफी बदलाव हुआ है।

कक्षा 9 में सबसे बड़ा बदलाव अंग्रेजी विषय में हुआ है। पहले दो किताबें होती थीं, जिनमें कुल 29 चैप्टर थे, लेकिन अब उनकी जगह एक नई किताब “कावेरी” लागू की गई है। इस किताब में सिर्फ 16 चैप्टर हैं। इसमें अब भारतीय लेखकों की रचनाओं को ज्यादा जगह दी गई है, जैसे रवींद्रनाथ टैगोर, सुधा मूर्ति, सुब्रमण्यम भारती, तेमसुला एओ और मित्रा फुकन। इसके अलावा “द वर्ल्ड ऑफ लिमिटलेस पॉसिबल” नाम का नया चैप्टर जोड़ा गया है, जिसमें पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की प्रेरणादायक कहानी है।

सिलेबस को छोटा और आसान बनाने के लिए कुछ पुराने चैप्टर हटा दिए गए हैं। जैसे विज्ञान में “मैटर इन आवर सराउंडिंग्स”, भौतिकी में “ग्रेविटेशन” और जीव विज्ञान में “इंप्रूवमेंट इन फूड रिसोर्सेज” अब नहीं पढ़ाए जाएंगे। इतिहास के लंबे टॉपिक्स भी कम किए गए हैं। वहीं कुछ नए विषय जोड़े गए हैं, जैसे जीव विज्ञान में “रिप्रोडक्शन” और “डायवर्सिटी”। अब पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लर्निंग, वेलनेस, आर्ट और वोकेशनल विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई को ज्यादा लचीला और बच्चों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। अब थ्योरी से ज्यादा प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चे जो सीखें, उसे जीवन में इस्तेमाल कर सकें। यह बदलाव 9वीं कक्षा में इसी सत्र से लागू होगा, जबकि 11वीं और 12वीं में अगले सत्र से लागू किया जाएगा।

 

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