CBSE 12th Exam Cancel: CBSE बोर्ड ने आज यानी रविवार को मिडिल ईस्ट के देशों में होने वाले 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि 16 मार्च से 10 अप्रैल के बीच होने वाली सभी 12वीं परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई है। इस फैसले में उन सभी परीक्षाओं को भी शामिल किया गया है जिन्हें पहले पोस्टपोन किया गया था। बोर्ड ने यह कदम अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए उठाया है। CBSE ने रविवार को छठा सर्कुलर जारी किया, जिसमें बोर्ड एग्जाम के कैंसिल होने और रिजल्ट संबंधी अपडेट दी गई। इससे पहले 1 से 9 मार्च के बीच 5 सर्कुलर जारी किए गए थे, जिनमें 12वीं की परीक्षाओं को पोस्टपोन करने की जानकारी दी गई थी।
मिडिल ईस्ट में CBSE एग्जाम का कैंसिल होना
आपको बता दें कि, CBSE ने अपने सर्कुलर में इस बात की पुष्टि की गल्फ देशों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में 16 मार्च से 10 अप्रैल तक होने वाली सभी 12वीं बोर्ड परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं। इसके अलावा 1,3,5,7 और 9 मार्च को पोस्टपोन की गई परीक्षाओं को भी अब पूरी तरीके से रद्द कर दिया गया है। बोर्ड ने इस बात की पुष्टि की कि इन देशों में पढ़ने वालें छात्रों के रिजल्ट जारी करने का तरीका बाद में अलग से नोटिफाई किया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों को जल्द ही न्यू अपडेट मिलेगा कि अब उनका परिणान किस तरह तैयार किया जाएगा।
जानें रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया
CBSE ने अपने सर्कुलर में स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट के छात्र जो अब परीक्षा नहीं देंगे, उनके रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अलग होगी। इस प्रक्रिया की जानकी छात्रों को उचिक समय पर बोर्ड द्वारा दी जाएगी। बोर्ड ने इस बात का भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए रिजल्ट और मूल्यांकन उचिक तरीके से किया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में वर्तमान हालात
आपको बता दें कि, बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर सऊदी अरब और UAE में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, और इन देशों में CBSE से मान्यता प्राप्त कई स्कूल हैं। इन स्कूलों मे हजारों भारतीय बच्चों की पढ़ाई हो रही है। हाल ही दिनों में ईरान में तेहरान और इस्फहार समेत कई शहरों में बमबारी हुई है। सऊदी अरब में ड्रोन हमले किए गए और दुबई व अबू धाबी भी हमलों के निशाने पर रहे। इन परिस्थियों को देखते हुए बोर्ड ने छात्र सुरक्षा और शिक्षा के हित में यह निर्णय लिया है।










