रतलाम में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग का मामला, सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद दरगाह में निकाह

ढोढर/रतलाम. इंटरनेट मीडिया से हुई दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी को धमकाकर निकाह कराने और बाद में पीछा कर धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित युवक ढोढर निवासी ईरशाद शेख के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशोरी ने अपने माता-पिता के साथ चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि अक्टूबर 2024 में उसकी पहचान ईरशाद शेख से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच पहले इंस्टाग्राम पर चैटिंग होती रही, बाद में मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और फोन पर बातचीत शुरू हो

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 31, 2026

ढोढर/रतलाम.

इंटरनेट मीडिया से हुई दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी को धमकाकर निकाह कराने और बाद में पीछा कर धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित युवक ढोढर निवासी ईरशाद शेख के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किशोरी ने अपने माता-पिता के साथ चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि अक्टूबर 2024 में उसकी पहचान ईरशाद शेख से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच पहले इंस्टाग्राम पर चैटिंग होती रही, बाद में मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने साथ में कुछ फोटो भी खिंचवाए थे। बातचीत के दौरान ईरशाद ने उससे प्रेम और निकाह करने की बात कही थी।

दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया
2 अप्रैल को वह कालूखेड़ा फंटे से बस द्वारा जावरा कोचिंग जाने निकली थी। ईरशाद अपने परिचित राजा के साथ कार से पीछा करते हुए जावरा बस स्टैंड पहुंच गया। वहां दोनों ने किशोरी को ज्यूस पिलाने की बात कही। ज्यूस पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे, जिसके बाद दोनों उसे कार में बैठाकर बड़ावदा स्थित बाबा फरीद दरगाह ले गए। दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया। मना करने पर ईरशाद ने साथ में खिंचवाए फोटो बहुप्रसारित करने की धमकी दी। डर के कारण किशोरी ने निकाह के लिए सहमति दे दी, जिसके बाद वहां मौजूद काजी द्वारा निकाह कराया गया। बाद में दोनों उसे वापस जावरा छोड़ गए, जहां से वह बस द्वारा घर पहुंची।

हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी
16 मई को जब वह जिम जाने के लिए बस से जावरा जा रही थी, तब ईरशाद फिर उसका पीछा करते हुए जिम तक पहुंच गया और साथ चलने के लिए कहा। मना करने पर उसका हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया। पीड़िता ने बताया कि लगातार डर के कारण वह अब तक चुप रही, लेकिन 29 मई को हिम्मत जुटाकर उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी।