Canada US Trade Deal : ट्रंप की 100% टैरिफ की धमकी के बाद झुका कनाडा? पीएम मार्क कार्नी ने चीन डील पर दिया बड़ा बयान

"100% टैरिफ का खतरा: क्या ट्रंप के खौफ से कनाडा ने चीन के साथ किया अपना गुप्त समझौता रद्द? पीएम मार्क कार्नी ने अचानक मीडिया के सामने आकर चीन और अमेरिका के बीच चल रहे इस खतरनाक खेल पर जो खुलासा किया है, उसने पूरी दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा दिया है!"

Canada US Trade Deal

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 26, 2026

Canada US Trade Deal :  वैश्विक व्यापार की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडाई सामानों पर 100% टैरिफ लगाने की सीधी धमकी के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। इस विवाद की जड़ कनाडा और चीन के बीच बढ़ती कथित नजदीकी है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ओटावा बीजिंग के साथ किसी भी प्रकार का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करता है, तो अमेरिका उसके खिलाफ सख्त आर्थिक कदम उठाएगा। इस धमकी ने न केवल कनाडा की अर्थव्यवस्था में खलबली मचा दी है, बल्कि दोनों पड़ोसी देशों के दशकों पुराने रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीजिंग यात्रा और ट्रंप की चेतावनी: आखिर क्यों भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बीजिंग का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य कनाडा और चीन के बीच बिगड़े हुए व्यापारिक संबंधों को फिर से पटरी पर लाना था। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपने जैसा कदम माना। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चीन, कनाडा की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है और कनाडा को अमेरिका में चीनी सामानों के प्रवेश का पिछला दरवाजा (Backdoor) नहीं बनना चाहिए। ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि “चीन कनाडा को जिंदा खा जाएगा”, जो उनके आक्रामक कूटनीतिक रुख को दर्शाता है।

मार्क कार्नी का स्पष्टीकरण: चीन के साथ नहीं होगी कोई फ्री ट्रेड डील

ट्रंप की 100% टैरिफ वाली चेतावनी के बाद रविवार को मार्क कार्नी ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने उन सभी दावों को खारिज कर दिया कि कनाडा चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की योजना बना रहा है। कार्नी ने कहा, “कनाडा की चीन या किसी भी अन्य ‘नॉन-मार्केट इकोनॉमी’ वाले देश के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की कोई मंशा नहीं है।” उन्होंने अपनी हालिया बीजिंग यात्रा को केवल पिछले कुछ वर्षों में उभरी व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की एक कोशिश बताया। कार्नी ने जोर देकर कहा कि कनाडा अपने पुराने संबंधों और प्रतिबद्धताओं को लेकर गंभीर है और वह अमेरिका के भरोसे को नहीं तोड़ेगा।

USMCA समझौता और कानूनी प्रतिबद्धता: कनाडा की मजबूरी

प्रधानमंत्री कार्नी ने याद दिलाया कि कनाडा, अमेरिका और मेक्सिको के बीच हुए मौजूदा व्यापारिक समझौते (USMCA) की शर्तों से बंधा हुआ है। इस समझौते में एक स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य देश किसी ‘गैर-बाजार अर्थव्यवस्था’ (Non-Market Economy) के साथ व्यापारिक सौदा करता है, तो उसे अन्य सदस्यों को पहले से सूचित करना होगा। कार्नी ने स्पष्ट किया कि कनाडा इस प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगा। जानकारों का मानना है कि कनाडा के पास अमेरिका के साथ व्यापारिक युद्ध झेलने की क्षमता नहीं है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी निर्यात पर निर्भर है।

ट्रंप के बदलते तेवर: कनाडा के प्रति सहानुभूति और चीन पर निशाना

शुरुआती तीखे हमलों के बाद ट्रंप के लहजे में थोड़ा बदलाव भी देखा गया। उन्होंने अपने गुस्से का रुख सीधे तौर पर चीन की ओर मोड़ दिया। ट्रंप ने दुख जताते हुए लिखा कि चीन, कनाडा जैसे एक कभी महान रहे देश पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रहा है। ट्रंप की यह टिप्पणी दर्शाती है कि वे कनाडा को एक शत्रु के बजाय एक ऐसे मित्र के रूप में देख रहे हैं जो चीन के “जाल” में फंसता जा रहा है। फिलहाल, मार्क कार्नी के ताजा बयान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि टैरिफ का खतरा टल सकता है, लेकिन उत्तरी अमेरिका में व्यापारिक तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।

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