Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज राजधानी दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। सुबह 11:30 बजे प्रस्तावित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करना है। इस रणनीतिक बैठक के साथ-साथ प्रधानमंत्री संसद में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) और केंद्रीय कैबिनेट की बैठकों को भी संबोधित करेंगे, जो देश की भावी आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेंगी।
पश्चिम एशिया संकट और भारत की चिंताएं
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (वेस्टर्न एशिया) में जारी संघर्ष ने भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत इस तनावपूर्ण स्थिति के वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू मोर्चे पर पड़ने वाले प्रभावों का बारीकी से आकलन कर रहा है।
सरकार का प्राथमिक फोकस यह सुनिश्चित करना है कि देश में कच्चे तेल और ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर आम जनता की जरूरतों पर न पड़े। बैठक में बिजली संकट से बचने के लिए कोयले के पर्याप्त भंडार और उनकी वैकल्पिक सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
किसानों और आम जनता के लिए राहत पर फोकस
सुरक्षा के साथ-साथ प्रधानमंत्री का ध्यान देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्र पर भी केंद्रित है। बैठक में विशेष रूप से किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
उर्वरक की उपलब्धता: खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों के मद्देनजर खाद और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा: देश के अन्न भंडार की स्थिति और मानसून की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।
पहले की तैयारियों का असर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने इसी महीने की शुरुआत में (1 अप्रैल) भी सुरक्षा समिति की एक विशेष बैठक ली थी। उस दौरान भी पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर रणनीतियां बनाई गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप देश में कोयला भंडार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया गया। आज की बैठक उन रणनीतियों को और अधिक पुख्ता करने और नई चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।









