Bullet Train Update: अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लान, 15 अगस्त 2027 से शुरू होगी पहली सेवा

भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर सेवा 15 अगस्त 2027 से चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। शुरुआत में सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर परिचालन शुरू होने की संभावना है। आखिर इस परियोजना का पूरा प्लान क्या है, जानिए रिपोर्ट।

Bullet Train Update

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

Bullet Train Update:  भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अब अपने पूर्ण होने के करीब है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले साल भारत की पहली बुलेट ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना का पहला चरण ‘सूरत से बिलीमोरा’ के बीच होगा, जिसे यात्रियों के लिए अगले साल खोल दिया जाएगा। यह हाई-स्पीड रेल सेवा भारत में परिवहन के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी, जिससे यात्रा के समय में भारी कटौती होगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

रेल मंत्री ने बताया कि पूरे कॉरिडोर को एक साथ खोलने के बजाय इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। सूरत-बिलीमोरा सेक्शन के उद्घाटन के बाद, ‘वापी से सूरत’ के बीच बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी। इसके बाद ‘वापी से अहमदाबाद’, ‘अहमदाबाद से ठाणे’ और अंत में ‘अहमदाबाद से मुंबई’ सेक्शन को यात्रियों के लिए खोला जाएगा। इस क्रमिक प्रक्रिया के जरिए पूरे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जो देश के दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने का कार्य करेगा।

रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प और हैदराबाद का बढ़ता महत्व

स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने बताया कि देशभर में रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास युद्धस्तर पर जारी है। अब तक 261 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जा चुका है। सबसे बड़ी चुनौती ट्रेन सेवाओं को बाधित किए बिना निर्माण कार्य पूरा करना है, जिसे रेलवे बखूबी निभा रहा है। उदाहरण के तौर पर, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन जारी रखते हुए सभी प्लेटफॉर्म के ऊपर एक भव्य ‘एयर कॉन्कोर्स’ का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को देश का हाई-स्पीड रेल हब बनाने के लिए तीन प्रमुख कॉरिडोर—पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु—को हरी झंडी दी है। इन परियोजनाओं से दक्षिण भारत की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और शहरों के बीच आवागमन अत्यंत सुगम हो जाएगा।

तेलंगाना के लिए बड़ी सौगात: रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता

रेल मंत्री ने तेलंगाना के सर्वांगीण विकास पर भी प्रकाश डाला। केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं के तहत राज्य में 100 से अधिक कंपनियां स्थापित हुई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। वित्तीय वर्ष के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए वैष्णव ने बताया कि तेलंगाना के रेलवे विकास के लिए केंद्र सरकार ने इस साल 5,400 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। इस बजटीय सहयोग से राज्य के रेलवे ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। नई पटरियों का बिछाना हो या मौजूदा स्टेशनों का आधुनिकीकरण, केंद्र सरकार की ये पहल तेलंगाना को आधुनिक भारत के मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है। ये सभी कदम आने वाले समय में देश की आर्थिक प्रगति और परिवहन संपर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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