Budaun Violence: बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर तनाव, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव

बदायूं के राजा की सीकरी गांव में आंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद ने मंगलवार को गंभीर रूप ले लिया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बढ़े तनाव के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन पर पथराव किया, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और पुलिसकर्मी घायल हुए। आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर तनाव

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 26, 2026

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Budaun Violence: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में ग्राम समाज की जमीन पर प्रतिमा लगाने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच शुरू हुआ मतभेद देखते ही देखते तनाव में बदल गया। शाम होते-होते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव की घटना में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। इस दौरान एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल भी स्थिति के बीच बाल-बाल बचीं। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को मौके से हटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है।

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ग्राम समाज की जमीन पर प्रतिमा लगाने से शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि राजा की सीकरी गांव में दलित समाज के कुछ लोग ग्राम समाज की खलिहान भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे। इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को मिली, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया को रोक दिया। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया। इस आरोप के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र होने लगे।

सड़क पर उतरे ग्रामीण, लगाया जाम

विरोध बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने आसफपुर-शाहबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। मौके पर नारेबाजी भी हुई। प्रशासन की ओर से लोगों को समझाने और स्थिति शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। जाम और प्रदर्शन के कारण इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई गई और अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बातचीत का सिलसिला जारी रखा।

अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

मामले को शांत करने के लिए एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल और सीओ अंशुमान श्रीवास्तव गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर विवाद खत्म करने की कोशिश की। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि जमीन से जुड़े नियमों का पालन करते हुए समाधान निकाला जा सकता है। हालांकि बातचीत के बावजूद ग्रामीणों का विरोध समाप्त नहीं हुआ। प्रदर्शन धीरे-धीरे और तेज होता गया। इसके बाद एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी देहात हृदेश कठेरिया भी मौके पर पहुंच गए।

वैकल्पिक जगह का प्रस्ताव भी नहीं आया काम

प्रशासन ने विवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिमा स्थापना के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वैकल्पिक स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बन सकी। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव किया गया।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

पथराव के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

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