MP E-Attendance: ई-अटेंडेंस में बड़ा बदलाव, संकुल प्राचार्यों को अधिकार; जून का रुका वेतन मिलेगा

मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग जल्द नया सर्कुलर जारी करेगा। उचित कारण होने पर देरी से उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों को संकुल प्राचार्य राहत दे सकेंगे। वहीं ई-अटेंडेंस के कारण जून में रोका या काटा गया वेतन पात्र शिक्षकों को मिलेगा। लेकिन आदतन लापरवाही पर कार्रवाई जारी रहेगी।

MP E-Attendance

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 26, 2026

MP E-Attendance:  मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग जल्द नए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है। शिक्षकों की ओर से लगातार सामने आ रही तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए विभाग अब व्यवस्था में कुछ राहत देने जा रहा है। प्रस्तावित बदलाव के तहत उचित परिस्थितियों में ई-अटेंडेंस दर्ज करने में हुई देरी को संकुल प्राचार्य स्वीकार कर सकेंगे। हालांकि, इसका इस्तेमाल मनमाने तरीके से न हो, इसके लिए स्पष्ट नियम और प्रक्रिया भी तय की जाएगी।

संकुल प्राचार्यों को मिलेगा निर्णय लेने का अधिकार

विभाग की नई व्यवस्था में संकुल प्राचार्यों की भूमिका अहम होने जा रही है। यदि किसी शिक्षक के पास ई-अटेंडेंस दर्ज करने में देरी का वास्तविक और उचित कारण है, तो संबंधित प्राचार्य मामले की जांच कर राहत दे सकेंगे। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है, जिन्हें तकनीकी खराबी या किसी व्यावहारिक परिस्थिति के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत हुई। विभाग इस अधिकार के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगा।

15 दिनों के भीतर जारी हो सकता है सर्कुलर

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के अनुसार, प्रदेश में ई-अटेंडेंस की स्थिति अब काफी हद तक सामान्य हो चुकी है। मौजूदा समय में प्रतिदिन करीब 97 से 98 प्रतिशत शिक्षक अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए संकुल प्राचार्यों को उचित मामलों में निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस संबंध में नया सर्कुलर अगले 15 दिनों में जारी किए जाने की तैयारी है।

देरी के मामलों में अपनाया जाएगा व्यावहारिक रवैया

नए सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में ई-अटेंडेंस दर्ज करने में हुई देरी को स्वीकार किया जा सकता है। संकुल प्राचार्य शिक्षक द्वारा बताए गए कारण की वास्तविकता की जांच करेंगे और उचित पाए जाने पर राहत दे सकेंगे। इससे तकनीकी समस्या, नेटवर्क संबंधी परेशानी या अन्य व्यवहारिक कारणों से समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाने वाले शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

आदतन लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई जारी

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था में राहत का मतलब नियमों की अनदेखी की छूट नहीं है। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसलिए जिन शिक्षकों द्वारा लगातार या जानबूझकर ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की जाती है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आदतन देरी करने या व्यवस्था का दुरुपयोग करने वाले कर्मचारियों को प्रस्तावित राहत का लाभ नहीं मिलेगा।

ई-अटेंडेंस सॉफ्टवेयर में भी होंगे जरूरी सुधार

शिक्षकों की शिकायतों को देखते हुए विभाग ई-अटेंडेंस सॉफ्टवेयर की तकनीकी समस्याओं को दूर करने पर भी काम कर रहा है। शिक्षक संगठनों ने सिस्टम में आने वाली कई व्यावहारिक दिक्कतों की जानकारी विभाग तक पहुंचाई है। लोक शिक्षण आयुक्त ने कहा है कि जहां भी सॉफ्टवेयर में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां जरूरी बदलाव किए जाएंगे। इससे शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने के दौरान आने वाली अनावश्यक परेशानियां कम हो सकती हैं।

जून में रोका गया वेतन भी किया जाएगा जारी

ई-अटेंडेंस व्यवस्था के कारण जून महीने में जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया या वेतन में कटौती की गई थी, उन्हें भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इसके लिए शिक्षकों की जुलाई और अगस्त महीने की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को भी देखा जाएगा। जिन शिक्षकों की इन दोनों महीनों में उपस्थिति व्यवस्था संतोषजनक रही है, उन्हें जून के रोके गए वेतन का भुगतान किया जाएगा।

लगातार नियम तोड़ने वालों पर वेतन कटौती

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदतन देर से आने वाले या लगातार ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं होगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार वेतन कटौती समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य ई-अटेंडेंस सिस्टम को कमजोर करना नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं और जानबूझकर की जाने वाली लापरवाही के बीच अंतर करना है।

शिक्षक संकुल प्राचार्य को बता सकेंगे अपनी समस्या

स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से अपील की है कि ई-अटेंडेंस को लेकर यदि उन्हें किसी वास्तविक या व्यवहारिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वे अपनी परेशानी संकुल प्राचार्य के सामने रखें। संबंधित स्तर पर मामले की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जा सकेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद है कि तकनीकी परेशानियों से जूझ रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी और साथ ही स्कूलों में उपस्थिति को लेकर जवाबदेही भी बनी रहेगी।

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