Brij Bhushan Case: बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने पर भावुक हुए प्रतीकभूषण सिंह, बोले- ‘यह राजनीतिक साजिश थी’

राउज एवेन्यू कोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद उनके बेटे और भाजपा विधायक प्रतीकभूषण सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही प्रियंका गांधी के बयान की भी कड़ी आलोचना की।

Brij Bhushan Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 4, 2026

Brij Bhushan Case: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने अपने पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को यौन शोषण मामले में अदालत से बरी किए जाने के बाद भावुक प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने पिछले तीन वर्षों में बेहद कठिन दौर देखा है। उनके अनुसार, यह मामला पूरी तरह राजनीतिक था और उनके परिवार को एक सुनियोजित साजिश के तहत निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले ने सच्चाई को सामने ला दिया है और अब उनके परिवार ने राहत की सांस ली है।

‘राजनीतिक साजिश’ का लगाया आरोप

प्रतीकभूषण सिंह ने दावा किया कि उनके पिता के खिलाफ लगाया गया मामला राजनीतिक उद्देश्य से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली की राजनीति के बीच इस मुद्दे को इस तरह प्रस्तुत किया गया, मानो यह केवल एक कानूनी विवाद नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष हो। उनके मुताबिक, ‘उत्तर प्रदेश बनाम हरियाणा’ और ‘जाति बनाम जाति’ जैसे नैरेटिव तैयार कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने इस विवाद के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास किया, लेकिन अंततः न्यायालय के फैसले ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

बृजभूषण शरण सिंह के परिवार ने झेला लंबा संघर्ष

विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह खुशी 1100 दिनों के लंबे इंतजार और मानसिक तनाव के बाद आई है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने इस पूरे समय सामाजिक, राजनीतिक और मानसिक दबाव का सामना किया। उनके शब्दों में, “हमारे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है।” उन्होंने कहा कि केवल आरोप लग जाने भर से किसी व्यक्ति को अपराधी मान लेना न्यायसंगत नहीं है। किसी भी मामले में अंतिम फैसला अदालत का होता है और आरोपों के आधार पर किसी की सार्वजनिक छवि खराब करना गंभीर विषय है। उन्होंने इस दौरान मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव का भी जिक्र किया।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

प्रतीक भूषण सिंह ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस और उस समय दिल्ली की सत्ता में रही आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने इस मामले को राजनीतिक रंग देकर उनके परिवार को बदनाम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस घटनाक्रम को कभी नहीं भूलेगा और भविष्य में भी इस अनुभव को याद रखेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार को बिना न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुए दोषी ठहराना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

प्रियंका गांधी के बयान पर भी जताई नाराजगी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतीकभूषण सिंह ने कहा कि उनका बयान पूरी तरह निंदनीय था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरे तथ्यों को जाने राजनीतिक बयान देना उचित नहीं है। प्रतीकभूषण ने कहा कि उनके पिता शुरू से ही खुद को निर्दोष बताते रहे और अब अदालत के फैसले ने भी उनकी बात को सही साबित किया है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले नेताओं को अपने राजनीतिक आचरण और जिम्मेदारियों पर भी विचार करना चाहिए।

अदालत के फैसले के बाद सियासी बयानबाजी तेज

राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। भाजपा इसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास की जीत बता रही है, जबकि विपक्ष की ओर से अब तक अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल अदालत के निर्णय के बाद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थकों में राहत और खुशी का माहौल देखा जा रहा है, वहीं यह मामला राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।