BRICS 2026: पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की फोन पर वार्ता, भारत-ब्राजील रणनीतिक संबंध होंगे मजबूत

भारत ने BRICS 2026 की अध्यक्षता संभालते ही कूटनीतिक बिसात बिछा दी है। पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के बीच हुई 45 मिनट की फोन कॉल ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। व्यापार, रक्षा और ग्लोबल साउथ के हितों पर हुई इस चर्चा के पीछे क्या कोई बड़ा गुप्त एजेंडा है?

BRICS 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 23, 2026

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BRICS 2026: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी-सिल्वा के साथ टेलीफोन पर एक महत्वपूर्ण वार्ता की। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब पूरी दुनिया की नज़रें स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (WEF) पर टिकी हुई हैं। इस टेलीफोनिक चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच दशकों पुराने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देना और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाना था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत को अत्यंत सकारात्मक बताया और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।

ग्लोबल साउथ की आवाज: साझा हितों की रक्षा के लिए बढ़ता सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से इस वार्ता की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी की गति वर्तमान में काफी मजबूत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील और अल्पविकसित देशों के हितों की रक्षा के लिए भारत और ब्राजील का एक साथ खड़ा होना अनिवार्य है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक असमानता को उठाने में उनकी साझा भूमिका भविष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

दावोस सम्मेलन के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति

यह वार्ता उस समय की गई जब दावोस में वैश्विक आर्थिक मंच की बैठकें जारी हैं, जहाँ भारत ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में लगभग 100 सदस्यीय विशाल प्रतिनिधिमंडल भेजा है। एक तरफ जहां दावोस में आर्थिक नीतियों पर मंथन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी सीधे तौर पर वैश्विक नेताओं के साथ रणनीतिक संबंधों को व्यक्तिगत स्तर पर मजबूती दे रहे हैं। ब्राजील के साथ यह संवाद दर्शाता है कि भारत केवल बहुपक्षीय मंचों पर ही नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर भी अपने मित्र देशों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है ताकि वैश्विक अस्थिरता के बीच आर्थिक हितों को सुरक्षित रखा जा सके।

राष्ट्रपति लूला का आगामी भारत दौरा: व्यापार और रक्षा पर होगा जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रपति लूला का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। लूला डी-सिल्वा का आगामी भारत दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के दौरान व्यापार, रक्षा तकनीक और सुरक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को दूर करने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर भी गहन चर्चा होने की उम्मीद है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को बल्कि दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) को भी मजबूती प्रदान करेगा।

अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां

राष्ट्रपति लूला का यह दौरा एक ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और ब्राजील सहित कई प्रमुख देशों पर उच्च टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए गए हैं। इस नई वैश्विक चुनौती ने भारत और ब्राजील जैसे देशों को एक-दूसरे के और करीब ला दिया है। दोनों देश इस बात पर विचार कर रहे हैं कि किस प्रकार अमेरिकी नीतियों के प्रभाव को कम करने के लिए आपसी व्यापार को बढ़ावा दिया जाए। ऐसे में लूला की भारत यात्रा रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी एक सुरक्षा कवच तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।

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