UP Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर सूबे के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बेहद तीखा और चौतरफा हमला बोला है। देवरिया पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में सिर्फ और सिर्फ तुष्टिकरण की नीति समाई हुई है और वे इसके अलावा कुछ और सोच ही नहीं सकते। उन्होंने साफ किया कि राम मंदिर चंदा मामले में सरकार पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव से पूछा- बाबरी मस्जिद के चंदे का हिसाब कहां है?
देवरिया में मीडिया कर्मियों से विशेष बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की पूरी राजनीति मुस्लिम तुष्टीकरण और वोट-बैंक के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी जनता के सामने केवल ढोंग रचती है, लेकिन हकीकत में इनका आचरण पूरी तरह अलग है, यही वजह है कि अब उत्तर प्रदेश की जनता का इन पर से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। सपा को ‘मौलाना की पार्टी’ करार देते हुए डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “राम मंदिर चंदा विवाद में पहले से ही एसआईटी (SIT) की उच्च स्तरीय जांच चल रही है और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मेरा सपा प्रमुख से सवाल है कि जब बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा किया गया था, तो वह पैसा कहां गया? अखिलेश जी उस पर सवाल क्यों नहीं उठाते?”
PM मोदी के 12 साल के बेमिसाल कार्यकाल और सेवा अभियान की तारीफ
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता यह अच्छे से जानती है कि इन्हीं लोगों ने सत्ता में रहते हुए निहत्थे राम भक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाने का अमानवीय काम किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक 12 साल के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में देवरिया में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने शानदार नेतृत्व में जन-कल्याणकारी नीतियों और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम किया है। आज पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री की नीतियों और विकास योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए इस विशेष सेवा अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
सैफई मानसिकता से बाहर नहीं निकल पा रहे अखिलेश यादव
दूसरी तरफ, यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी अखिलेश यादव की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उन पर जमकर तंज कसा। मंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया आज भी अपनी पुरानी ‘सैफई मानसिकता’ से बाहर नहीं निकलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग आज हमें शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्ञान दे रहे हैं, उनके शासनकाल में सरकारी विद्यालयों में भैंसें चरा करती थीं और गरीब बच्चे टाट-पट्टी पर नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे। हमारी योगी सरकार निरंतर शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।” अनिल राजभर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हाल ही में 7 लाख से अधिक उन बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया है, जो मुख्यधारा से पूरी तरह कटे हुए थे।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ से बदला यूपी का स्वरूप
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश के गरीबों के अंदर एक नया आत्मविश्वास जगा है। यूपी में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ (एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज) की संकल्पना को पूरी तरह धरातल पर साकार किया गया है, जिसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने भी दिल खोलकर बजट और आशीर्वाद दिया है। अब हमारे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग की उच्च स्तरीय पढ़ाई भी शुरू हो रही है।
सपा द्वारा राज्य में आयोजित किए जा रहे ‘ब्राह्मण सम्मेलन’ पर निशाना साधते हुए मंत्री ने स्पष्ट कहा कि वे चाहे जो भी हथकंडे अपना लें, उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं होने वाला है। उत्तर प्रदेश का प्रबुद्ध और बुद्धिजीवी वर्ग भली-भांति जानता है कि केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ही उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ और ‘सर्वोत्तम प्रदेश’ बना सकती है।










