बड़ी मुश्किल में बॉलीवुड सितारे: पान मसाले में महंगा केसर मिलने पर कोर्ट ने बुलाया शाहरुख, अक्षय, अजय और टाइगर

गुना  क्या 10 रुपए के गुटखे में 4 लाख रुपए किलो वाला असली केसर होना मुमकिन है? इसी सवाल ने अब बॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार्स को कानूनी कटघरे में खड़ा कर दिया है। मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक फेमस 'पान मसाला' के विज्ञापनों में 'दाने-दाने में केसर का दम' के दावे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने गुटखा में 'केसर' के दावे को लेकर फिल्म स्टार अक्षय कुमार, अजय देवगन, शाहरूख खान और टाइगर श्रॉफ को तलब किया है। दरअसल 'दाने-दाने में केसर का स्वाद' के दावे को गुना के एक विट्ठल अहिरवार ने

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Published On :

फ़रवरी 13, 2026

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गुना
 क्या 10 रुपए के गुटखे में 4 लाख रुपए किलो वाला असली केसर होना मुमकिन है? इसी सवाल ने अब बॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार्स को कानूनी कटघरे में खड़ा कर दिया है। मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक फेमस 'पान मसाला' के विज्ञापनों में 'दाने-दाने में केसर का दम' के दावे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने गुटखा में 'केसर' के दावे को लेकर फिल्म स्टार अक्षय कुमार, अजय देवगन, शाहरूख खान और टाइगर श्रॉफ को तलब किया है। दरअसल 'दाने-दाने में केसर का स्वाद' के दावे को गुना के एक विट्ठल अहिरवार ने कोर्ट में चैलेंज किया है। उन्होंने आयोग में केस दाखिल किया है।

गुना निवासी विट्ठल अहिरवार ने अपने मित्र के लिए एक फेमस पान मसाला का पाउच खरीदा था। विज्ञापन में बॉलीवुड स्टार्स अक्षय कुमार, शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को यह कहते सुना कि इसमें 'केसर' है, लेकिन जब विट्ठल ने पाउच के कंटेंट्स (सामग्री) की जांच की, तो उसमें केसर का कोई जिक्र नहीं मिला। उपभोक्ता विट्ठल ने अपने अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह यादव के माध्यम से पहले जिला उपभोक्ता फोरम, गुना में परिवाद पेश किया। हालांकि, वहां से अभिनेताओं के नाम हटाने का आदेश मिलने के बाद, विट्ठल ने अधिवक्ता अनुराग खासकलम के माध्यम से राज्य उपभोक्ता आयोग (Case No – FA/25/1678) में अपील दायर की थी।

5 मार्च को होना होगा पेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पान मसाला निर्माता कंपनी और इसके विज्ञापन करने वाले सितारों को यह साबित करना होगा कि उत्पाद में वाकई केसर है। बता दें कि पिछली तारीख 20 जनवरी 2026 को किसी भी पक्ष की ओर से जवाब नहीं आया। आयोग ने अब अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को रखी है। इसमें सभी ब्रांड एंबेसडर और गुना के पान मसाला विक्रेता को पेश होने का अंतिम आदेश दिया है।

पान मसाला में 'केसर के दावे' को चैलेंज करने का तर्क

पान मसाला के विज्ञापन और उसमें फिल्म स्टार द्वारा किए गए 'दाने दाने में केसर का दम' के दावे को चैलेंज करते हुए अपीलकर्ता विट्ठल अहिरवार ने कई तर्क दिए हैं। इसमें कहा गया है कि असली केसर की कीमत 4 लाख से 4.5 लाख रुपए प्रति किलो है। ऐसे में 10 रुपए के पाउच में केसर का दावा पूरी तरह भ्रामक है।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि युवा इन सितारों को अपना रोल मॉडल मानते हैं। उनके प्रभाव में आकर युवा गुटखे के आदी हो रहे हैं, जिससे 20 से 40 वर्ष की उम्र में ही वे कैंसर और शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

    अपीलकर्ता ने मांग की है कि ऐसे भ्रामक विज्ञापनों के जरिए जनता को गुमराह करने वाले सितारों से उनके 'पद्मश्री' पुरस्कार वापस लिए जाने चाहिए और इन विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

यदि साबित नहीं कर सके तो, जुर्माना-प्रतिबंध लग सकता है

उपभोक्ता मामलों के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नन्हौरिया बताते हैं कि गुना के विटठ्ल अहिरवार द्वारा उठाया गया मुद्दा समाज हित में है। कंपनियां सितारों को मोटी रकम देकर कुछ भी भ्रामक और झूठे दावे कराती हैं। जबकि वे सत्यता से परे होते हैं। इस मामले में पान मसाला कंपनी, विक्रेता और सिने स्टार को यह सिद्ध करना होगा कि विज्ञापन में जो दावा किया जा रहा है, वह सत्य और सही है। उनके प्रोडक्ट में वे तत्व मौजूद हैं, जिनका दावा किया गया है। यदि वे ऐसा करने में विफल रहे तो कंपनी सहित उन पर जुर्माना लग सकता है। वहीं कंपनी के इस विज्ञापन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

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