बीजेपी का थलापति विजय को बड़ा ऑफर: डिप्टी CM का पद और 80 सीटें

 चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है।

Wrriten By :

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Published On :

मार्च 15, 2026

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 चेन्नई
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है।

हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है।

मध्यस्थता करवा रही बीजेपी!
बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है।

क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी?
बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं?
दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की 'स्वतंत्र छवि' को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक 'तीसरे विकल्प' के रूप में पेश किया है।

सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

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