Assembly Election 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए शनिवार को केरल और पुडुचेरी के लिए उम्मीदवारों की महत्वपूर्ण घोषणा कर दी है। पार्टी ने पुडुचेरी की पहली सूची और केरल के लिए अपनी तीसरी सूची जारी कर चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
केरल विधानसभा चुनाव: भाजपा की तीसरी सूची में दिग्गजों पर दांव
केरल में अपनी पैठ मजबूत करने के उद्देश्य से भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 21 मार्च को उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की। इस सूची में राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों से अनुभवी और सक्रिय चेहरों को शामिल किया गया है। घोषित किए गए प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:
- पुथुपल्ली: रवींद्रनाथ वाकथानम
- तिरुवनंतपुरम: करमना जयन
- नेय्याट्टिनकारा: एस. राजशेखरन नायर
- अरुविक्करा: विवेक गोपन
इनके अलावा पीरुमेड से वी. रतीश, मावेलिक्करा (एससी) से अजीमोन, और पंडालम से प्रतापन को टिकट दिया गया है। केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में बहुमत के लिए 71 का आंकड़ा जरूरी है। राज्य में फिलहाल एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच मुख्य मुकाबला रहता आया है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) इस बार त्रिकोणीय संघर्ष पैदा करने के लिए तैयार है।
पुडुचेरी की पहली सूची: एनडीए गठबंधन की सत्ता बरकरार रखने की चुनौती
पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के लिए भाजपा ने अपनी पहली सूची में 9 उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों पर मुहर लगी। पुडुचेरी की 30 सीटों पर सरकार बनाने के लिए 16 सीटों की आवश्यकता है।
भाजपा ने मन्नाडिपेट से ए. नमस्सिवायम, राजभवन से वी.पी. रामलिंगम और माहे से ए. दिनेशन जैसे मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि पुडुचेरी में वर्तमान में एआईएनआरसी (AINRC) और भाजपा के गठबंधन की सरकार है, जिसे बचाने और और विस्तार देने की जिम्मेदारी इन उम्मीदवारों के कंधों पर होगी।
चुनावी कार्यक्रम और राजनीतिक समीकरण
पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। वहीं केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में है। भाजपा का मुख्य फोकस उन सीटों पर है जहां पिछले चुनावों में उसका वोट शेयर काफी बढ़ा था। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है—विकास और हिंदुत्व के एजेंडे के साथ दक्षिण भारत के इन दो महत्वपूर्ण राज्यों में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करना। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में प्रचार अभियान अब अपने अगले चरण में पहुंच गया है।
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