Bird Flu Alert in Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू को लेकर ‘हाई अलर्ट’, पटना के इन 3 इलाकों को घोषित किया गया संक्रमित जोन

बिहार में बर्ड फ्लू (H5N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया है। पटना के कंकड़बाग, हाई कोर्ट परिसर और जू जैसे इलाकों में पक्षियों की असामान्य मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 28, 2026

Bird Flu Alert in Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू (H5N1) वायरस के प्रसार ने सरकार और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। पटना के कई रिहायशी और संवेदनशील इलाकों में पक्षियों की मौत के बाद हुई जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।

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इन इलाकों में हुई संक्रमण की पुष्टि

Bird Flu Alert in Bihar
बिहार में बर्ड फ्लू को लेकर ‘हाई अलर्ट’

पटना के तीन प्रमुख केंद्रों को बर्ड फ्लू का हॉटस्पॉट माना गया है, जहाँ मृत पक्षियों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए। जिसमें कंकड़बाग की पीसी कॉलोनी, पटना जू का सेक्टर पार्क, पटना हाई कोर्ट परिसर है। इन इलाकों में पिछले दिनों कई कौए और मुर्गियां मृत मिली थीं। भोपाल की लैब में भेजे गए सैंपल्स में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने इन क्षेत्रों को ‘संक्रमित जोन’ घोषित कर दिया है।

पटना जू 7 मार्च तक बंद और बड़े पैमाने पर ‘कलिंग’

संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई शुरू की है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए पटना जू को 7 मार्च तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जू के बर्ड वार्ड को सैनिटाइज किया गया है और मिट्टी, पानी व पक्षियों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अब तक प्रदेश में कुल 4,575 मुर्गियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया है। इसके अलावा 9,662 अंडे और 530 किलो मुर्गियों का दाना भी नष्ट कर दिया गया है ताकि वायरस आगे न फैले। संक्रमित पाए गए केंद्रों के 1 किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया है और वहां लगातार कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।

कैसे फैलता है यह वायरस?

विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू (H5N1) एक जूनोटिक (Zoonotic) बीमारी है, जो पक्षियों से इंसानों में फैल सकती है। संक्रमित पक्षी को छूने, उसकी लार या विष्ठा के संपर्क में आने से इंसान बीमार पड़ सकता है। संक्रमित पक्षी के पंख फड़फड़ाने या छींकने से वायरस हवा में मिल जाता है, जिससे सांस लेने के जरिए संक्रमण का खतरा रहता है। प्रशासन ने लोगों को मृत पक्षियों से दूर रहने और पोल्ट्री उत्पादों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सरकार की तैयारी और डॉक्टरों की निगरानी

पटना प्रशासन ने डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की है जो जू और अन्य प्रभावित इलाकों में पक्षियों के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रख रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपने आस-पास किसी भी पक्षी की असामान्य मौत होने पर तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करें।

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