बिहार में सड़क नेटवर्क होगा मजबूत, 3712 करोड़ से बनेगा पटना-आरा-रोहतास फोरलेन कॉरिडोर

पटना  बिहार में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग ने करीब 6900 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इनमें पटना-आरा-रोहतास फोरलेन कॉरिडोर और मुजफ्फरपुर-बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के चौड़ीकरण की योजना प्रमुख है। इन परियोजनाओं के तहत नहरों के ऊपर और तटबंधों के किनारे एलिवेटेड सड़क, पुल और अन्य संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव है। हालांकि, एनओसी मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी परियोजनाओं का निर्माण

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Published On :

अक्टूबर 23, 2026

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पटना
 बिहार में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है।

इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग ने करीब 6900 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

इनमें पटना-आरा-रोहतास फोरलेन कॉरिडोर और मुजफ्फरपुर-बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के चौड़ीकरण की योजना प्रमुख है।

इन परियोजनाओं के तहत नहरों के ऊपर और तटबंधों के किनारे एलिवेटेड सड़क, पुल और अन्य संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव है।

हालांकि, एनओसी मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी परियोजनाओं का निर्माण तत्काल शुरू हो जाएगा। इसके लिए अन्य आवश्यक स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं को भी पूरा करना होगा।

पटना-आरा-रोहतास फोरलेन कॉरिडोर पर 3712 करोड़ होंगे खर्च
पटना-आरा-रोहतास फोरलेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 120.10 किलोमीटर प्रस्तावित है। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में इस परियोजना के लिए 3712.40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी।

परियोजना में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड सड़कें शामिल हैं, जिनके निर्माण से पटना, भोजपुर और रोहतास क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

परियोजना के पहले पैकेज में रोहतास जिले के सुअरा से राज्य राजमार्ग-12 पर गड़हनी तक 74.432 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क बनाई जानी है।

इस पैकेज से संबंधित प्रस्ताव पर जल संसाधन विभाग ने 30 सितंबर को दूसरे चरण की अंतिम अनुमति दी। इस अनुमति से संबंधित निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

परियोजना पूरी होने पर इस क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ ही प्रमुख शहरों और आसपास के इलाकों के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

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मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 का हिस्सा होगा फोरलेन
मुजफ्फरपुर-बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के 100 किलोमीटर से अधिक हिस्से को फोरलेन बनाने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 3200 करोड़ रुपये है।  

योजना के तहत तिरहुत मुख्य नहर के किलोमीटर 222.72 से 227.08 के बीच नहर के दोनों तटबंधों पर एलिवेटेड सड़क सह पुल बनाने का प्रस्ताव है।

नहर के तटबंधों के किनारे एलिवेटेड सड़क और पुल का निर्माण होने से सड़क चौड़ीकरण के काम में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, परियोजना के निर्माण की शुरुआत और इसे पूरा करने की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

महना-जगन्नाथपुर सड़क पर बनेगा आरसीसी हाई लेवल पुल
मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड में महना से जगन्नाथपुर वाया मंसूरपुर सड़क पर आरसीसी हाई लेवल पुल बनाने की योजना है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III के तहत प्रस्तावित यह पुल तिरहुत मुख्य नहर के किलोमीटर 197.865 पर बनाया जाना है।

पूर्वी लिंक नहर पर क्षतिग्रस्त पुल की जगह बनेगा अस्थायी स्टील पुल
पूर्वी लिंक नहर के किलोमीटर 2.80 पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर अस्थायी स्टील पुल बनाने की भी योजना है। इसके लिए छह अक्टूबर 2026 को पहले चरण में सैद्धांतिक सहमति से संबंधित पत्र जारी किया गया।

यह अनुमति की शुरुआती प्रक्रिया है। पुल निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई अभी बाकी है। अस्थायी स्टील पुल तैयार होने से संबंधित क्षेत्र में आवागमन की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, सभी परियोजनाओं के लिए निर्माण शुरू होने की तारीख और काम पूरा होने की समयसीमा की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।