
Haryana News: हरियाणा में बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब भयावह रूप लेने लगा है। साइबर सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहाँ कई इलाकों में पिछले 36 घंटों से बिजली गुल है। लंबी कटौती के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और औद्योगिक इकाइयों का कामकाज ठप पड़ गया है।
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भीमगढ़ खेड़ी और दौलताबाद में अंधेरा, सड़कों पर फूटा गुस्सा

गुरुग्राम के भीमगढ़ खेड़ी, दौलताबाद समेत कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। रात के समय भी लाइट न होने के कारण लोगों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली न मिलने और गर्मी-उमस से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और उनका गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।
गुस्साए ग्रामीणों ने दौलताबाद फ्लाईओवर और बसई चौक को जाम कर दिया तथा सड़क पर बैठकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के अन्य हिस्सों से भी लगातार प्रदर्शन और रोष की खबरें सामने आ रही हैं।
अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की तरफ से पूरी तरह से उदासीनता बरती जा रही है। संकट की इस घड़ी में जब उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, तो कोई भी फोन रिसीव नहीं कर रहा है। स्थिति के बेकाबू होने की सूचना मिलने पर गुरुग्राम पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला। यह साफ हो गया है कि कर्मचारियों की यह हड़ताल अब केवल गांवों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका दायरा शहरी और औद्योगिक इलाकों तक फैल चुका है।

औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित, करोड़ों के नुकसान की आशंका
गुरुग्राम जैसे बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक हब में लंबे समय तक बिजली कटौती होने से गंभीर आर्थिक असर देखने को मिल रहा है। बिजली गुल रहने की वजह से कई इंडस्ट्रियल यूनिट्स में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। उद्योगपतियों और फैक्ट्री मालिकों ने करोड़ों रुपये के नुकसान की शिकायत की है।
गुरुग्राम के अलावा कादीपुर और बसई क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयां भी इस भीषण बिजली संकट से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके साथ ही निर्बाध पावर सप्लाई न मिलने के कारण कई इलाकों में पेयजल की गंभीर किल्लत भी पैदा हो गई है, जिससे लोगों की मुसीबतें कई गुना बढ़ गई हैं।
सरकार और कर्मचारियों की अगली बैठक पर टिकी निगाहें

इस विकट स्थिति से निपटने के लिए अब सबकी निगाहें सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच होने वाली बैठकों पर टिकी हैं। सरकार की ओर से यह बयान आया है कि वह कर्मचारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है और समाधान निकालने का प्रयास जारी है। हालांकि, जब तक कोई ठोस समझौता या समाधान नहीं निकलता, तब तक आम जनता और उद्योग जगत को इसी तरह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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