झारखंड के पैरा तीरंदाज विजय सुंडी का कमाल, पुरुष रिकर्व युगल में जीता स्वर्ण पदक

 चाईबासा  जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें पैरा एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा शान से लहराया। इस उपलब्धि में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रतिभाशाली पैरा तीरंदाज विजय सुंडी की अहम भूमिका रही। उनकी इस सफलता से पूरे जिले और झारखंड में खुशी का माहौल है। विजय सुंडी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन, एकाग्रता और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 5वें पैरा एशियाई खेलों की

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Published On :

अक्टूबर 23, 2026

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 चाईबासा
 जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें पैरा एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा शान से लहराया।

इस उपलब्धि में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रतिभाशाली पैरा तीरंदाज विजय सुंडी की अहम भूमिका रही। उनकी इस सफलता से पूरे जिले और झारखंड में खुशी का माहौल है। विजय सुंडी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन, एकाग्रता और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

5वें पैरा एशियाई खेलों की पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतना उनके खेल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार चौथी बार अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर उन्होंने न केवल अपनी मेहनत और लगन को साबित किया, बल्कि देश और राज्य का गौरव भी बढ़ाया है। विजय सुंडी की यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पैरा खेलों में खिलाड़ियों को शारीरिक चुनौतियों के साथ-साथ कड़े प्रतिस्पर्धी माहौल का भी सामना करना पड़ता है।

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ऐसे में निरंतर अभ्यास, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना उनकी खेल प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

विजय सुंडी की सफलता पश्चिमी सिंहभूम जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के दम पर बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। जापान में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर विजय सुंडी ने देश का गौरव बढ़ाया है।