Bihar News: चेतन आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सियासत में बढ़ी हलचल

आनंद मोहन की नाराजगी के बाद बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा डैमेज कंट्रोल किया है। सरकार ने नवीनगर से जेडीयू विधायक चेतन आनंद को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य नियुक्त करते हुए 'उप मंत्री' का दर्जा दिया है।

Bihar News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 23, 2026

Bihar News: बिहार के सियासी गलियारों में पिछले कई दिनों से मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बड़ा डैमेज कंट्रोल किया है। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन की खुली नाराजगी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर किए गए तीखे हमलों के बाद सरकार बैकफुट पर आई।

आनंद मोहन इस बात से खफा थे कि उनके बेटे और नवीनगर से विधायक चेतन आनंद को बिहार कैबिनेट में मंत्री पद नहीं दिया गया। अब उनकी इस नाराजगी को दूर करने के लिए सम्राट सरकार ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का पुनर्गठन करते हुए चेतन आनंद को इसका सदस्य मनोनीत किया है, जिसके तहत उन्हें बिहार में ‘उप मंत्री’ का संवैधानिक दर्जा हासिल हो गया है।

Bihar IPL Team Demand 2026: CSK-MI की तरह अब आईपीएल में गरजेगा बिहार! डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अनिल अग्रवाल को दिया ग्रीन सिग्नल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में समिति का पुनर्गठन

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस बेहद प्रभावशाली ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ के अध्यक्ष खुद सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे। सरकार ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए इस समिति में कई बड़े बदलाव किए हैं:

कार्यकारी अध्यक्ष: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को इस समिति का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

उपाध्यक्ष: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को इस समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन दोनों ही शीर्ष नेताओं को बिहार सरकार में ‘राज्य मंत्री’ का दर्जा और सुविधाएं दी गई हैं।

अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी समेत 12 सदस्यों को मिली जगह

सम्राट सरकार ने इस समिति के जरिए उन सभी विधायकों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है, जिन्होंने पिछले दिनों सियासी उथल-पुथल में सरकार का साथ दिया था। समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के अलावा कुल 12 सदस्यों को जगह दी गई है।

इस सूची में औरंगाबाद के नवीनगर से जेडीयू विधायक चेतन आनंद के साथ-साथ मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी सदस्य बनाया गया है। इनके अतिरिक्त संगीता कुमारी, भरत बिंद, मुरारी प्रसाद गौतम, सिद्धार्थ सौरव, ललन कुमार मंडल, प्रहलाद यादव, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह को इस महत्वपूर्ण समिति में बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

उप मंत्री का दर्जा

नियमों के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य बनने वाले सभी नेताओं को बिहार सरकार में ‘उप मंत्री’ का दर्जा प्राप्त होता है।

वेतन और भत्ते: जो सदस्य पहले से विधायक या विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं, उन्हें बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ते और पूर्व की सुविधाएं मिलती रहेंगी।

अतिरिक्त लाभ: उप मंत्री का वीआईपी दर्जा मिलने के कारण अब चेतन आनंद और नीलम देवी जैसे विधायकों को सामान्य विधायकों की तुलना में अतिरिक्त सरकारी वाहन, सुरक्षा, सचिवालय में विशेष कार्यालय और अन्य प्रशासनिक प्रोटोकॉल की सुविधाएं सरकार की तरफ से मुहैया कराई जाएंगी।

क्यों नाराज थे आनंद मोहन?

गौरतलब है कि राजपूत समाज के कद्दावर नेता आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद को सम्राट चौधरी की कैबिनेट में जगह न मिलने से बेहद आक्रोशित थे। उन्होंने सीतामढ़ी में आयोजित एक सार्वजनिक मंच से जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री के करीबियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। आनंद मोहन ने तंज कसते हुए कहा था कि जेडीयू को कुछ नेताओं की ‘चांडाल चौकड़ी’ ने घेर रखा है और यह सिर्फ एक ‘थैली वाली पार्टी’ बनकर रह गई है, जहाँ जो थैली (पैसा) पहुंचाता है, वही मंत्री बनता है।

चेतन आनंद के राजनीतिक सफर की बात करें तो वे वर्तमान में औरंगाबाद की नवीनगर सीट से जेडीयू विधायक हैं, जबकि इससे पहले वे शिवहर सीट से आरजेडी के टिकट पर जीते थे और वर्ष 2024 के सियासी ड्रामे के दौरान पाला बदलकर नीतीश-सम्राट गुट में शामिल हो गए थे। आनंद मोहन खुद शिवहर से सांसद रह चुके हैं और गोपालगंज के तत्कालीन आईएएस जी कृष्णैया हत्याकांड में लंबे समय तक जेल की सजा काट चुके हैं। आनंद मोहन के इसी सियासी प्रभाव और नाराजगी को शांत करने के लिए सरकार ने आनन-फानन में यह बड़ा राजनीतिक दांव खेला है।

Bihar Transport Initiative: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ