Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आए। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय का गहन निरीक्षण किया और शासन की बागडोर संभालने के लिए कमर कस ली। इस दौरान उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और मुख्य सचिव सहित राज्य के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस विमर्श का मुख्य उद्देश्य बिहार के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा तैयार करना और सरकारी मशीनरी को और अधिक सक्रिय बनाना था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
बताते चले कि, एक दिन पूर्व हुई बैठक का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पांच सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार का समूल नाश किया जाए। सम्राट चौधरी ने सख्त हिदायत दी कि मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आदेश दिया कि सरकारी बाबू और अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए कार्य की गति को दोगुना करें।
प्रखंड, अंचल और थानों में जवाबदेही तय करने का निर्देश
सम्राट चौधरी ने जमीनी स्तर पर प्रशासन को संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड, अंचल और थानों में आने वाली आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि जब निचले स्तर पर सरकारी तंत्र बेहतर काम करेगा, तभी बिहार एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बन पाएगा।
भूमि विवाद का समाधान
मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते अपराध और विवादों की जड़ भूमि विवाद को बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 60 से 70 प्रतिशत आपसी लड़ाइयां जमीन से जुड़ी समस्याओं के कारण होती हैं। सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि भूमि सुधार और राजस्व से जुड़े कार्यों को सरल बनाया जाए ताकि आम आदमी को कोर्ट-कचहरी और दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जटिलताओं को खत्म कर कार्यों का जल्द निपटारा करना ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे जनता खुशहाल और तनावमुक्त रह सके।
नीतीश कुमार के विकास मॉडल को नई ऊंचाई देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के माध्यम से बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है और अब सात निश्चय-3 को राज्य में तेजी से लागू करने का समय आ गया है। प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 430 योजनाओं पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। सम्राट चौधरी ने प्रतिबद्धता जताई कि एनडीए सरकार पुरानी योजनाओं को पूर्ण करने के साथ-साथ नई विकास परियोजनाओं के जरिए 2025 तक बिहार का चेहरा बदल देगी।









