भोपाल स्टेशन बनेगा नए दौर की पहचान, 350 करोड़ की लागत से मिलेगा मंदिर जैसा स्वरूप

भोपाल राजधानी के मुख्य रेल द्वार भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। रेलवे ने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल जंक्शन को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देते हुए भव्य मंदिर शैली के अग्रभाग के साथ अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित इस परियोजना के लिए टेंडर और बिड से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिए

Wrriten By :

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Published On :

जून 23, 2026

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भोपाल
राजधानी के मुख्य रेल द्वार भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। रेलवे ने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल जंक्शन को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देते हुए भव्य मंदिर शैली के अग्रभाग के साथ अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित इस परियोजना के लिए टेंडर और बिड से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं, जहां से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

रानी कमलापति के बाद दूसरा पीपीपी स्टेशन
इस बड़े बदलाव के बाद भोपाल जंक्शन शहर का ऐसा दूसरा रेलवे स्टेशन बन जाएगा, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल के ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को इसी मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए प्रोजेक्ट के जरिए स्टेशन के मौजूदा बिल्ट-अप एरिया को 4,238 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,532 वर्ग मीटर किया जाएगा। इस बढ़े हुए दायरे से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं और खाली स्पेस को बड़े पैमाने पर विस्तार देने में मदद मिलेगी।

यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
स्टेशन के भीतर आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर खाका तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर और सुगम हो सके।
परियोजना के प्रमुख बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:

    स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को पारंपरिक और भव्य मंदिर कला की थीम पर डिजाइन किया जाएगा।

    यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था होगी।

    परिसर के भीतर आवागमन को आसान बनाने के लिए नए लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

    स्टेशन पर मौजूद प्रसाधनों को अपग्रेड कर विश्वस्तरीय और स्वच्छ बनाया जाएगा।
    बढ़े हुए निर्मित क्षेत्र के कारण यात्रियों को विभिन्न प्रकार की कमर्शियल सेवाएं भी स्टेशन के भीतर मिल सकेंगी।

मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण
रेलवे प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रेलवे बोर्ड से इस 350 करोड़ रुपये के बजट वाले प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस मिल जाएगा, निर्माण एजेंसियां जमीन पर काम शुरू कर देंगी। इस पुनर्विकास से न केवल भोपाल जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि भोपाल आने वाले पर्यटकों को स्टेशन से बाहर निकलते ही शहर की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान की पहली झलक देखने को मिलेगी।

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