India-America Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर देश की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा इस समझौते पर सवाल उठाए जाने के बाद, केंद्र सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
सीएम योगी ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और रोजगार सृजन पर विस्तार से रखा पक्ष
तथ्यों की अनदेखी और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप
बताते चले कि, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के हालिया वीडियो पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता हमेशा की तरह बिना तैयारी और तथ्यों को समझे बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि राहुल गांधी द्वारा फैलाया जा रहा नैरेटिव सच्चाई से कोसों दूर है। गिरिराज सिंह के अनुसार, भारत ने अमेरिका के साथ अब तक का सबसे संतुलित व्यापार समझौता (Balanced Trade Arrangement) किया है, जो अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कहीं अधिक फायदेमंद साबित होगा।
भारतीय किसानों के हितों की रक्षा
सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेड डील पूरी तरह से भारतीय उद्योग की प्रगति और अन्नदाताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की कॉटन एक्सपोर्ट स्टोरी आज पहले से कहीं अधिक मजबूत और विविधतापूर्ण है। सरकार का दावा है कि इस समझौते से न केवल कपड़ा क्षेत्र (Textile Sector) को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कपास उत्पादकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में भारत का बढ़ता प्रभाव
गिरिराज सिंह ने बताया कि आज भारत का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट किसी एक देश या बाजार तक सीमित नहीं है। वर्तमान में भारत 100 से अधिक देशों में अपने उत्पाद निर्यात कर रहा है, जो वैश्विक बाजार में भारतीय गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन (UK), न्यूजीलैंड और ओमान जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर तेजी से काम कर रहा है, जिससे निर्यातकों के लिए नए द्वार खुल रहे हैं।
मार्केट एक्सेस के जरिए जोखिम प्रबंधन और बेहतर मूल्य प्राप्ति
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 58 से अधिक नए बाजारों में टेक्सटाइल एक्सेस हासिल किया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य केवल एक बाजार पर निर्भरता कम करना और जोखिमों का विविधीकरण (Risk Diversification) करना है। इससे कपास उत्पादकों, स्पिनर्स और कपड़ा निर्माताओं को उनके उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सकेगी। आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास अब 470 बिलियन डॉलर का निर्यात क्षमता वाला बाजार उपलब्ध है, जिसमें 120 बिलियन डॉलर का विशाल अमेरिकी मार्केट भी शामिल है।
राहुल गांधी के टैरिफ संबंधी आरोप
इससे पहले, राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारतीय कपड़ों पर अमेरिका में 18% टैरिफ लगता है, जबकि बांग्लादेश शून्य टैरिफ का लाभ उठा रहा है। गांधी का तर्क था कि अमेरिकी कॉटन आयात करने की शर्त घरेलू किसानों को बर्बाद कर देगी, और यदि इसे आयात नहीं किया गया तो कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान होगा। उन्होंने बांग्लादेश द्वारा भारतीय कपास के आयात में संभावित कमी को लेकर भी चेतावनी दी थी।
Owaisi का BJP-RSS पर हमला ‘भारत को धर्मशासित देश बना रही है सरकार’









