Benjamin Netanyahu Cancer : बेंजामिन नेतन्याहू को हुआ था कैंसर, सफल सर्जरी के बाद खुद दी स्वास्थ्य की जानकारी

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर खुलासा किया है कि वे कैंसर (Skin Cancer) से जूझ रहे थे। यरूशलेम के अस्पताल में उनकी सफल सर्जरी की गई। युद्ध के बीच नेतन्याहू के स्वास्थ्य को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब खुद पीएम ने पूर्ण विराम लगा दिया है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 24, 2026

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Benjamin Netanyahu Cancer : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक चौंकाने वाले खुलासे में बताया है कि उन्हें कैंसर डिटेक्ट हुआ था, जिसे उन्होंने अब सफलतापूर्वक हरा दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया को यह जानकारी देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि साल 2024 में एक नियमित चिकित्सा परीक्षण के दौरान उन्हें इस घातक बीमारी का पता चला था। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, नेतन्याहू प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चला और अब वे पहले की तुलना में काफी बेहतर और पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

सर्जरी और गोपनीयता: ईरान द्वारा फेक न्यूज फैलाने का था डर

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से उनके शरीर से एक सेंटीमीटर का एक छोटा ट्यूमर सफलतापूर्वक हटा दिया है। उन्होंने इस जानकारी को अब तक गुप्त रखने के पीछे की वजह भी साझा की। नेतन्याहू के अनुसार, “मैंने इसे सार्वजनिक नहीं किया क्योंकि मुझे डर था कि ईरान और अन्य दुश्मन देश इस खबर का इस्तेमाल इजराइल के खिलाफ ‘फेक न्यूज’ फैलाने और अस्थिरता पैदा करने के लिए कर सकते थे।” सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2024 में उनकी एक प्रोस्टेट सर्जरी हुई थी, लेकिन उस वक्त इसे सामान्य बताया गया था और कैंसर की बात छिपाई गई थी।

“कैंसर को हराना मेरी नियति”: प्रधानमंत्री का दृढ़ संकल्प

अपने संघर्ष के बारे में बताते हुए नेतन्याहू ने लिखा कि उन्हें करीब डेढ़ साल पहले ही इस समस्या के संकेत मिल गए थे। उन्होंने कहा, “कैंसर को हराना अब मेरी नियति बन गई है। जब भी मुझे किसी समस्या का पता चलता है, मैं तुरंत उसके समाधान में जुट जाता हूँ।” उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट आनी थी जिसे उन्होंने रणनीतिक कारणों से टाल दिया था, लेकिन अब नवीनतम रिपोर्ट में उन्हें पूरी तरह ‘कैंसर मुक्त’ घोषित कर दिया गया है। नेतन्याहू का इलाज यरूशलेम के प्रसिद्ध हदासा अस्पताल में किया गया, जहाँ की विशेषज्ञ टीम ने उनकी सफल रिकवरी सुनिश्चित की।

19 वर्षों का नेतृत्व: इजराइल के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले पीएम

बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक करियर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे पहली बार 1996 में इजराइल के प्रधानमंत्री चुने गए थे और 1999 तक पद पर रहे। इसके बाद 2009 से 2021 तक उन्होंने लगातार देश का नेतृत्व किया। 2022 में वे तीसरी बार सत्ता में लौटे और तब से प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। कुल मिलाकर लगभग 19 वर्षों तक सत्ता की कमान संभालने वाले नेतन्याहू ने इजराइल की राजनीति और रक्षा नीति पर गहरी छाप छोड़ी है। उनके कार्यकाल को इजराइल की सैन्य शक्ति के आधुनिकीकरण के लिए जाना जाता है।

क्षेत्रीय चुनौतियां और विजन: हमास से हिजबुल्लाह तक का संघर्ष

प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व में इजराइल ने मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में अपनी धाक और मजबूत की है। उनके कार्यकाल के दौरान इजरायली सेना ने गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र संगठनों के खिलाफ कड़े सैन्य अभियान चलाए हैं और उनके नेटवर्क को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। नेतन्याहू का विजन इजराइल को इस क्षेत्र की सबसे बड़ी शक्ति और ‘ग्रेटर इजराइल’ के रूप में स्थापित करने का है। कैंसर जैसी बीमारी पर जीत के बाद समर्थकों का मानना है कि वे अब नई ऊर्जा के साथ देश की सुरक्षा और रणनीतिक लक्ष्यों की दिशा में काम करेंगे।

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