Bengal STF Action: जैश ऑपरेटिव से जुड़े आदित्य सिंह की गिरफ्तारी, मंत्री की रेकी मामले में बड़ा खुलासा

बंगाल STF ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की जांच में कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार एक और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मंत्री और राजनीतिक नेताओं की रेकी से जुड़े मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। आखिर इस नेटवर्क का मकसद क्या था और जांच कहां तक पहुंची? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Bengal STF Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 3, 2026

Bengal STF Action:  पश्चिम बंगाल से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया है। STF ने हावड़ा से जैश के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल के कथित सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राज उर्फ राजू को हिरासत में लिया है।

हावड़ा के बेलिलियस रोड से हुई संदिग्ध की गिरफ्तारी

STF अधिकारियों के अनुसार, आदित्य सिंह को हावड़ा के बेलिलियस रोड इलाके से पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण और पुख्ता सुरागों के आधार पर की गई। एजेंसियां अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच करने में जुटी हुई हैं।एक वरिष्ठ STF अधिकारी ने बताया कि आदित्य सिंह की गिरफ्तारी मुख्य आरोपी हमीम मंडल और उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से शुरू हुई थी कथित पहचान

जांच में यह बात सामने आई है कि आदित्य सिंह कथित तौर पर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए हमीम मंडल के संपर्क में आया था। अधिकारियों को संदेह है कि धीरे-धीरे यह संपर्क बढ़ा और आदित्य कथित रूप से इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया।हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही उसकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।STF के अनुसार, आदित्य सिंह पर आरोप है कि उसने पश्चिम बंगाल के शहरी विकास राज्य मंत्री उमेश राय और उनके बेटे से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई थीं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन संवेदनशील जानकारियों को बाद में हमीम मंडल और उसके कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ साझा किया गया।फिलहाल जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही हैं कि जुटाई गई जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी से पहले सामने आया था मामला

इस मामले में इससे पहले STF ने 1 अगस्त 2026 को झारखंड के साहिबगंज जिले से 22 वर्षीय अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया था। STF के मुताबिक, अर्पिता का कथित तौर पर हमीम मंडल के साथ संपर्क था और वह इस संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।गिरफ्तारी के बाद अर्पिता को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद आगे की पूछताछ के लिए STF उसे पश्चिम बंगाल लेकर गई।

साहिबगंज के गांव में छापेमारी कर पकड़ी गई अर्पिता

STF की टीम ने साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के बेबतपुर ग्वालखोर गांव में छापेमारी कर अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बर्दवान थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में की गई थी।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अर्पिता की इस कथित मॉड्यूल में क्या भूमिका थी और उसके जरिए नेटवर्क के कितने लोगों तक पहुंच बनाई जा सकती है।

सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कर रही जांच

STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले में सभी संभावित कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की गतिविधियों की जांच की जा रही है।जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य इस कथित मॉड्यूल की पूरी संरचना, इसके संपर्कों और संभावित योजनाओं का पता लगाना है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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