Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में एक टेबल पर नोटों के बंडल साफ नजर आ रहे हैं। टेबल के एक तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता बैठे दिखाई देते हैं, जबकि सामने की ओर चार से पांच अन्य लोग मौजूद हैं। वीडियो के सामने आते ही राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
Bengal Politics : वीडियो में दिखे TMC नेता की पहचान
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, वायरल वीडियो में नजर आ रहे TMC नेता मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल हैं। वे नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात-1 पंचायत समिति के उपाध्यक्ष हैं। वीडियो में उनके साथ स्थानीय व्यवसायी रकीबुल इस्लाम भी बैठे हुए दिखाई देते हैं। क्लिप में मंडल को बंगाली भाषा में फोन पर किसी से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।
Bengal Politics : कैश लेनदेन का दृश्य और सवाल
वीडियो में एक व्यक्ति की आवाज सुनाई देती है, जो TMC नेता से पूछता है कि “खरीदारी कैश में होगी या फाइनेंस पर?” इसी दौरान एक अन्य शख्स नायलॉन का बैग लेकर आता है और उसे टेबल पर रख देता है। बताया जा रहा है कि उस बैग में भी नोटों के बंडल थे। इसके बाद गियासुद्दीन मंडल उस बैग को अपने पास रख लेते हैं, जिससे कैश लेनदेन को लेकर सवाल उठने लगे।
भाजपा का तीखा हमला और जांच की मांग
वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने TMC पर अवैध नकद लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता तुषार कांति घोष ने 4 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो वर्ष 2022 का है और इसे जमीन सौदे से जोड़ा जा रहा है।
डिजिटल युग में कैश पर सवाल
तुषार कांति घोष ने X पर लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैसे कह सकते हैं कि बंगाल गरीब है, जब पंचायत समिति के उपाध्यक्ष नोटों के ढेर के सामने बैठे नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डिजिटल भुगतान, चेक और बैंक ट्रांसफर के दौर में भी इतनी बड़ी रकम कैश में क्यों दी जा रही है।
भूमि माफिया के आरोप और ED की मांग
भाजपा के एक अन्य नेता तपस मित्रा ने भी TMC नेता पर निशाना साधा। उन्होंने गियासुद्दीन मंडल को भूमि माफिया बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों से तत्काल जांच की मांग की। तपस मित्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल को लूट रही है और इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जानी चाहिए।
TMC नेता का आरोपों से इनकार
विवाद बढ़ने के बाद गियासुद्दीन मंडल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो साल 2022 का है और उसका उनके किसी अवैध लेनदेन से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, वे सिर्फ वहां मौजूद थे और जमीन सौदे से जुड़ी बातचीत कुछ परिचितों के बीच हो रही थी।
व्यवसायी की सफाई और पार्टी का रुख
वीडियो में दिख रहे व्यवसायी रकीबुल इस्लाम ने भी किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह दो साल पुराना वीडियो है और दिख रही रकम जमीन सौदे से जुड़ी थी। उनका दावा है कि मंडल भी उस सौदे में साझेदार थे और वीडियो में दिख रही जगह उनका ऑफिस नहीं है। वहीं, स्थानीय TMC नेताओं ने कहा है कि मामले की आंतरिक जांच की जा रही है और यदि वीडियो की प्रामाणिकता साबित होती है तथा दोष तय होता है, तो पार्टी उचित कार्रवाई करेगी।










