Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल दी है। 4 मई को घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। जहां एक ओर बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
बीजेपी विधायक दल की बैठक
बताते चले कि, चुनाव परिणामों के स्पष्ट होते ही राज्य में नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों पर विजय प्राप्त कर सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। सूत्रों के अनुसार, 8 मई को बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में नेता के चयन पर मुहर लग सकती है। विशेष बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जिन्हें बंगाल का पर्यवेक्षक बनाया गया है, उसी दिन कोलकाता पहुंच सकते हैं ताकि नई कैबिनेट के स्वरूप और नेतृत्व पर अंतिम चर्चा की जा सके।
निवर्तमान मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
पश्चिम बंगाल की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नियमानुसार कार्यकाल खत्म होने से पहले मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपना होता है, लेकिन ममता बनर्जी ने बागी तेवर अपना लिए हैं।
मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी का आरोप है कि इन चुनावों में बड़े स्तर पर धांधली और वोटों की लूट हुई है। उन्होंने परिणामों को जनादेश मानने से इनकार करते हुए कहा कि “नैतिक रूप से हमारी हार नहीं हुई है,” जिसके कारण संवैधानिक संकट जैसी स्थिति उत्पन्न होती दिख रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तिथि
बंगाल की नई सरकार के शपथ ग्रहण के लिए एक विशेष दिन चुना गया है। चर्चा है कि 9 मई को भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (पोषे बोइशाख) है। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री की इच्छा के अनुरूप, गुरुदेव की जयंती के पावन अवसर पर ही नई सरकार कार्यभार संभालेगी। यह कदम बंगाल की संस्कृति और अस्मिता से जुड़ने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अन्य राज्यों में भी चुनावी हलचल
चुनाव आयोग ने केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन राज्यों में भी नई विधानसभाओं के गठन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। आंकड़ों पर गौर करें तो तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को, असम का 20 मई को, केरल का 23 मई को और पुडुचेरी का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। आयोग की इस सक्रियता से विजयी दलों के पास अब राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने का कानूनी अधिकार आ गया है। आगामी कुछ दिन इन सभी राज्यों की राजनीति के लिए अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं।










