Bengal Election 2026: मुर्शिदाबाद और मालदा में चुनावी हिंसा, हुमायूं कबीर और टीएमसी समर्थकों के बीच खूनी झड़प

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मुर्शिदाबाद और मालदा में भारी हिंसा हुई। नौदा में एयूजेपी प्रमुख हुमायूं कबीर और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प के बाद कबीर सड़क पर धरने पर बैठ गए। डोमकल में हथियारबंद लोगों द्वारा मतदाताओं को धमकाने के आरोप लगे हैं, जबकि मालदा में सेक्टर अधिकारी के साथ बदसलूकी की गई।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के दौरान गुरुवार को कई जिलों में भारी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। विशेष रूप से मुर्शिदाबाद और मालदा में मतदान प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के बीच हिंसक टकराव हुआ। एयूजेपी (AUJP) प्रमुख हुमायूं कबीर और सत्ताधारी टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुर्शिदाबाद के नौदा में राजनीतिक हिंसा

मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में उस वक्त चुनावी हिंसा और भारी तनाव फैल गया, जब एयूजेपी (AUJP) प्रमुख हुमायूं कबीर एक घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे। यहाँ टीएमसी कार्यकर्ताओं और कबीर के समर्थकों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस के साथ भी हुमायूं कबीर की तीखी नोकझोंक हुई। रेजीनगर सीट से उम्मीदवार कबीर ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है और उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

सड़क पर धरने पर बैठे एयूजेपी प्रमुख

झड़प के बाद हुमायूं कबीर बीच सड़क पर कुर्सी डालकर बैठ गए और चुनावी धांधली और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मीडिया से कहा, “मेरे लोगों को पीटा जा रहा है और टीएमसी के गुंडे हमारे नेताओं को सरेआम धमका रहे हैं। मैं यहाँ से तब तक नहीं हटूंगा जब तक निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती।” कबीर के इस अड़ियल रुख और मौके पर बढ़ती भीड़ ने नौदा में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी है।

डोमकल में भी संग्राम

मुर्शिदाबाद की डोमकल सीट पर भी दो राजनीतिक दलों के बीच जबरदस्त गुटबाजी और झड़प देखने को मिली। सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद टीएमसी और हुमायूं कबीर की पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। टीएमसी समर्थकों की मांग थी कि कबीर तुरंत इलाके से चले जाएं, जबकि कबीर के समर्थकों ने मतदान केंद्रों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए चुनाव आयोग ने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

हथियारबंद लोगों का आतंक

डोमकल के रायपुर गांव में स्थानीय निवासियों ने हथियारबंद बदमाशों की मौजूदगी और वोटरों को डराने की शिकायत की है। मतदाताओं का आरोप है कि सुबह से ही इलाके में संदिग्ध और हथियारबंद लोग घूम रहे थे, जो लोगों को पोलिंग बूथ तक जाने से रोक रहे थे। कई लोगों ने दावा किया कि वोट डालने की कोशिश करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती घंटों में पुलिस और केंद्रीय बलों की अनुपस्थिति पर भी भारी नाराजगी जताई।

मालदा में सेक्टर अधिकारी से बदसलूकी

मुर्शिदाबाद के अलावा मालदा के मोथाबाड़ी क्षेत्र में भी मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बालूचरा हाई स्कूल पोलिंग स्टेशन पर जैसे ही सेक्टर अधिकारी पहुंचे, भाजपा उम्मीदवार निबारन घोष और नाराज मतदाताओं ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की करने और उनका हाथ खींचने का वीडियो भी वायरल हुआ है। चुनाव आयोग ने इन सभी घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।