Political Violence : बीजेपी-टीएमसी समर्थकों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे, दुर्गापुर में फोर्स तैनात, दहशत का माहौल

दुर्गापुर में अमित शाह के मेगा रोड शो के बाद अचानक बदला माहौल, बीजेपी और टीएमसी के बीच शुरू हुआ खूनी संघर्ष, अस्पताल पहुंचे घायल कार्यकर्ता! बंगाल चुनाव 2026 की गर्मी के बीच दुर्गापुर में गृह मंत्री अमित शाह के शक्ति प्रदर्शन के तुरंत बाद हिंसा भड़क उठी। बांकुड़ा मोड़ पर समर्थकों के बीच तीखी बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों के लोग लहूलुहान हो गए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 14, 2026

Political Violence :  पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भव्य रोड शो के संपन्न होते ही राजनीति का मैदान रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बांकुड़ा मोड़ इलाके में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक हाथापाई तक जा पहुंचा। इस संघर्ष में दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लाठियां चलीं, जिसमें कम से कम दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की हालत इतनी चिंताजनक थी कि उन्हें रक्तरंजित अवस्था में तुरंत दुर्गापुर महकमा अस्पताल ले जाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्गापुर पश्चिम के बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मण चंद्र घोड़ुई और टीएमसी उम्मीदवार कवि दत्ता भी अस्पताल पहुंचे।

बीजेपी का गंभीर आरोप: अमित शाह के रोड शो में शामिल होना बना अपराध

हिंसा की इस घटना के बाद बीजेपी ने सत्ताधारी टीएमसी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेतृत्व का आरोप है कि उनके सक्रिय कार्यकर्ता रवि दास को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने अमित शाह के रोड शो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मण घोड़ुई ने अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि टीएमसी हार के डर से आतंक का सहारा ले रही है। आरोप है कि रवि दास का सिर फोड़ दिया गया और उन पर जानलेवा हमला किया गया। बीजेपी इसे एक सोची-समझी साजिश करार दे रही है, जिसका मकसद मतदाताओं के मन में डर पैदा करना है ताकि वे चुनाव के दिन घर से बाहर न निकलें।

टीएमसी की सफाई: आरोपों को नकारा, कहा—’अशांति फैलाना बीजेपी का काम

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने बीजेपी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी उम्मीदवार कवि दत्ता ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि बीजेपी क्षेत्र में बेवजह तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जब भी राज्य में बीजेपी के बड़े नेताओं का दौरा होता है, उसके बाद अशांति का माहौल बनाया जाता है। दत्ता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अशांति की आग लगाना बहुत आसान काम है, लेकिन जब वह धधकती है तो उसे बुझाना बेहद मुश्किल होता है।” टीएमसी का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं ने कोई हमला नहीं किया, बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ही उकसावे वाली हरकतें की थीं।

24 घंटे का अल्टीमेटम: बीजेपी नेता ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

बीजेपी नेता अभिजीत दत्ता ने घटना का विस्तृत ब्यौरा देते हुए दावा किया कि अमित शाह के रोड शो में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़ को देखकर टीएमसी नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 8 से 10 टीएमसी गुंडों ने लाठी-डंडों से उनके कार्यकर्ता के घर पर हमला किया। हमलावर यहीं नहीं रुके; उन्होंने घर में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ता की वृद्ध मां के साथ भी बदसलूकी की। अभिजीत दत्ता ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरी दुर्गापुर इकाई सड़कों पर उतरेगी और एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पत्रकारिता पर हमला: बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी इसके निशाने पर है। बीरभूम जिले के सूरी इलाके से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय पत्रकार राजा हुसैन की टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि पत्रकार ने पार्टी के खिलाफ कुछ आलोचनात्मक खबरें प्रकाशित की थीं, जिससे नाराज होकर गुंडों ने उन्हें जमीन पर घसीटा और पुलिस की मौजूदगी में ही पीटा। इस घटना ने राज्य में प्रेस की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन माहौल अब भी बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

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