BCCI Central Contract 2026: बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट से रोहित-विराट को झटका, कौन बनेगा अब नया ‘A+’ स्टार?

बीसीसीआई जल्द ही 2025-26 सीजन के लिए वार्षिक अनुबंधों की घोषणा करने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड अब सिर्फ तीन कैटेगरी (A, B, C) रखने पर विचार कर रहा है। टी20 और टेस्ट से संन्यास ले चुके रोहित और विराट को 'B' ग्रेड में डिमोट किया जा सकता है। क्या यह एक युग का अंत है?

BCCI Central Contract

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 20, 2026

BCCI Central Contract 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नीति टीम इंडिया के कुछ सीनियर खिलाड़ियों के लिए झटका साबित हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को इस बार डिमोशन का सामना करना पड़ सकता है। बीसीसीआई अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे मौजूदा ढांचा पूरी तरह बदल सकता है।

A+ कैटेगरी खत्म करने की तैयारी

बीसीसीआई अब अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से सबसे ऊंची A+ कैटेगरी को हटाने पर विचार कर रहा है। नए मॉडल में सिर्फ तीन कैटेगरी—A, B और C—रखने का प्रस्ताव है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो फिलहाल A+ ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को नीचे की कैटेगरी में शिफ्ट किया जाएगा। इसका सीधा असर रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा पर पड़ सकता है।

विराट और रोहित ग्रेड B में जा सकते हैं

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि नए कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड B में रखा जा सकता है। ये दोनों खिलाड़ी लंबे समय से A+ कैटेगरी का हिस्सा रहे हैं। वहीं ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को भी ग्रेड B में शामिल किया जा सकता है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ग्रेड A में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सिलेक्शन कमिटी ने सुझाया नया ढांचा

अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने बीसीसीआई को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में बदलाव का सुझाव दिया है। समिति का मानना है कि A+ कैटेगरी (7 करोड़ रुपये सालाना) को खत्म कर केवल तीन स्तरों वाला सिस्टम ज्यादा व्यावहारिक होगा। इसके तहत खिलाड़ियों को A, B और C कैटेगरी में बांटा जाएगा, जिससे प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन को और स्पष्ट किया जा सके।

सैलरी स्ट्रक्चर में भी होगा बदलाव

अब तक के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में A+ ग्रेड के खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपये, ग्रेड A को 5 करोड़, ग्रेड B को 3 करोड़ और ग्रेड C को 1 करोड़ रुपये सालाना मिलते थे। अगर नया मॉडल लागू होता है, तो सैलरी स्ट्रक्चर में भी संशोधन किया जा सकता है। माना जा रहा है कि तीन कैटेगरी होने की वजह से वेतन में संतुलन और जिम्मेदारियों का नया पैमाना तय होगा।बीसीसीआई ने पिछला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल 2025 में जारी किया था। उस समय रोहित शर्मा, विराट कोहली, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह A+ कैटेगरी में शामिल थे। ग्रेड A में मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी थे।

ग्रेड B और C में शामिल खिलाड़ी

ग्रेड B में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर को जगह दी गई थी। वहीं ग्रेड C में युवा और उभरते खिलाड़ियों की लंबी सूची थी, जिसमें रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन और कई अन्य नाम शामिल थे।अगर बीसीसीआई यह नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लागू करता है, तो यह भारतीय क्रिकेट में एक बड़े बदलाव का संकेत होगा। इससे साफ है कि बोर्ड अब सीनियरिटी से ज्यादा मौजूदा प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में बढ़ रहा है।