Jabalpur Cruise Accident: बरगी बांध त्रासदी में अपनों को खोने वालों से मिले सीएम, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और बच्चों को गले लगाकर सांत्वना दी। हादसे की उच्च स्तरीय जांच के साथ ही भविष्य में सुरक्षा के लिए नई SOP बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बचाव कार्य अभी भी जारी है।

Jabalpur Cruise Accident

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 2, 2026

Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में गुरुवार शाम हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। तेज तूफान के कारण पर्यटकों से भरा डबल डेकर क्रूज अनियंत्रित होकर नर्मदा के अथाह जल में समा गया। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तत्काल जबलपुर पहुंचे। उन्होंने न केवल रेस्क्यू ऑपरेशन का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि घायलों और मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस भी बंधाया।

सीएम ने पूड़ित परिजनों से की मुलाकात

बताते चले कि, जबलपुर पहुंचते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव उन परिवारों से मिले जिन्होंने इस जल त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है। मुलाकात के दौरान माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। हादसे में अपने माता-पिता को खोने वाले मासूम बच्चों को देख मुख्यमंत्री स्वयं भावुक हो गए और उन्हें गले लगाकर सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और किसी भी परिवार को खुद को असहाय समझने की आवश्यकता नहीं है।

बचाव कार्य का लिया जायजा

मुख्यमंत्री ने बरगी बांध स्थल का दौरा कर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव अभियान) की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज करने के निर्देश दिए। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और सेना के गोताखोरों को तैनात किया था। सीएम ने मौके पर मौजूद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी से राहत कार्यों की प्रगति पर चर्चा की।

हादसे की जांच और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए नई गाइडलाइंस

इस भीषण नौका दुर्घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मामले की जांच एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी अनहोनी को रोकने के लिए सरकार ने जल क्रीड़ा और पर्यटन गतिविधियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मृतकों के लिए मुआवजे का ऐलान

सरकार ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये और केंद्र सरकार (प्रधानमंत्री राहत कोष) की ओर से 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उन स्थानीय नागरिकों और श्रमिकों की वीरता को भी सराहा जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया। ऐसे जांबाज व्यक्तियों को सरकार की ओर से 51-51 हजार रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है।

तूफान और अव्यवस्था ने ली 9 मासूम जिंदगियां

हादसे का विवरण देते हुए बताया गया कि गुरुवार शाम जब पर्यटक क्रूज सफारी का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक आए भीषण तूफान ने नाव का संतुलन बिगाड़ दिया। पानी भरने के कारण क्रूज के निचले डेक में मौजूद लोग फंस गए, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। इस दुखद जल दुर्घटना में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वर्तमान में लापता यात्रियों की खोज के लिए गोताखोरों का अभियान निरंतर जारी है।