Baramati By-Election: सुप्रिया सुले ने डाला वोट, खराब स्वास्थ्य के कारण वोटिंग से दूर रहे शरद पवार

महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए मतदान जारी है। सांसद सुप्रिया सुले ने सुबह ही अपना वोट डाला, लेकिन दिग्गज नेता शरद पवार खराब स्वास्थ्य और अस्पताल में भर्ती होने के कारण मतदान के लिए नहीं पहुँच सके। अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर विरासत और साख की लड़ाई दिलचस्प हो गई है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Baramati By-Election: महाराष्ट्र की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार बारामती विधानसभा क्षेत्र में आज उपचुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। सत्ता और विरासत की इस जंग में सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने अपने पैतृक गांव काटेवाड़ी में मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

सुप्रिया सुले ने बारामती वासियों से की मतदान की अपील

सांसद सुप्रिया सुले ने गुरुवार सुबह काटेवाड़ी स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का उपयोग किया। वोट डालने के बाद उन्होंने स्याही लगी उंगली दिखाते हुए मीडिया से बातचीत की। सुले ने जोर देकर कहा कि एक सशक्त लोकतंत्र तभी संभव है जब जनता अपनी शक्ति को पहचाने। उन्होंने बारामती के मतदाताओं से रिकॉर्ड संख्या में पोलिंग बूथ पर पहुँचने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र के भविष्य के लिए एक सही प्रतिनिधि का चुनाव किया जा सके।

शरद पवार की अनुपस्थिति का कारण

बारामती के चुनावी इतिहास में यह दुर्लभ अवसर है जब शरद पवार वोट डालने के लिए उपस्थित नहीं हुए। समर्थकों की चिंता को दूर करते हुए सुप्रिया सुले ने भावुक होकर बताया कि शरद पवार के चिकित्सा परीक्षण (Medical Tests) और खराब स्वास्थ्य के कारण वे बारामती नहीं आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पवार साहब फिलहाल पुणे के एक निजी अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में हैं, जिसके चलते वे अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करने में असमर्थ रहे।

चिकित्सकों की सख्त हिदायत

सुप्रिया सुले ने मीडिया को शरद पवार के हेल्थ अपडेट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टरों ने पवार साहब को पूर्ण विश्राम और यात्रा न करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल से बारामती तक सड़क मार्ग से 5 घंटे और हेलीकॉप्टर से भी करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है। उनके गिरते स्वास्थ्य और थकाऊ सफर के जोखिम को देखते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने की अनुमति नहीं दी। इसी अनिवार्य चिकित्सकीय कारण से ‘भीष्म पितामह’ इस बार मैदान में नहीं दिखे।

विरासत बनाम वर्चस्व की जंग

अजित पवार के असामयिक निधन के बाद रिक्त हुई इस सीट पर बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक भविष्य टिका हुआ है। यह उपचुनाव केवल एक सीट का मुकाबला नहीं है, बल्कि पवार परिवार की विरासत और राजनीतिक पकड़ की परीक्षा है। एक तरफ जहाँ शरद पवार की सहानुभूति लहर काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की ओर से सुनेत्रा पवार की चुनावी चुनौती ने मुकाबले को और भी कड़ा बना दिया है। शरद पवार की भौतिक अनुपस्थिति के बावजूद उनके विचारों और आशीर्वाद के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं।