Bankipur By Election: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। शुरुआती दो घंटे में सुबह 9 बजे तक 4.61 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस चुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाली सीट रही है। बांकीपुर उपचुनाव में कुल 3,79,616 मतदाता 25 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा, जबकि चुनाव परिणाम के लिए मतगणना 3 अगस्त को होगी।
Supreme Court: ‘मेटल के टुकड़े’ से खुला राज, पेलेट गन से घायल होने के दावे पर आई मेडिकल रिपोर्ट
भाजपा, महागठबंधन और जन सुराज के बीच मुख्य मुकाबला
- इस उपचुनाव में सबसे ज्यादा नजर मुख्य मुकाबले पर है। एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा, महागठबंधन की राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा है।
- इसके अलावा चुनावी मैदान में 14 छोटे दलों के उम्मीदवार और 8 निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सभी उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार प्रचार अभियान में जुटे रहे थे।
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़ी राजनीतिक प्रतिष्ठा के कारण बांकीपुर सीट पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है। यही वजह है कि इस उपचुनाव को बिहार की सियासत में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई बड़े नेताओं ने किया मतदान
मतदान शुरू होने के बाद कई प्रमुख नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर, सांसद विवेक ठाकुर, मंत्री रामकृपाल यादव और विधायक श्याम रजक समेत कई नेताओं ने मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला। नेताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील भी की, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की भागीदारी बढ़ सके।
422 मतदान केंद्रों पर हो रही वोटिंग
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सुचारू मतदान के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कुल 187 भवनों में 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदानकर्मियों को एक दिन पहले ही ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के साथ संबंधित बूथों पर भेज दिया गया था।
तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की व्यवस्था भी की गई है। चुनाव प्रशासन ने 40 प्रतिशत अतिरिक्त बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट तथा 50 प्रतिशत अतिरिक्त वीवीपैट मशीनों को रिजर्व रखा है, ताकि किसी भी स्थिति में मतदान प्रभावित न हो।
सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मतदान से पहले संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों ने फ्लैग मार्च किया। मतदान केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। बूथ के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों को दी गई है, जबकि मतदान केंद्रों के बाहर स्थानीय पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात हैं। चुनाव आयोग भी पूरे मतदान की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का लक्ष्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में मतदान संपन्न कराना है।










