Balrampur News: बलरामपुर जिले में गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी और वध के लिए बिहार भेजने वाले कथित संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महराजगंज तराई थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और आर्थिक लाभ के लिए इस अवैध गतिविधि को अंजाम देते थे।
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बिहार भेजे जा रहे थे गोवंशीय पशु
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य सुनसान इलाकों में गोवंशीय पशुओं को इकट्ठा करते थे। इसके बाद उन्हें पिकअप वाहनों में कथित तौर पर क्रूरतापूर्वक लादकर बिहार भेजा जाता था। पुलिस का आरोप है कि पशुओं को वहां वध के इरादे से बेचा जाता था। इस नेटवर्क के जरिए आरोपी लगातार आर्थिक और भौतिक लाभ हासिल कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सिद्धार्थनगर के आरोपी पर गिरोह चलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, इस कथित गोवंश तस्करी गिरोह का संचालन सिद्धार्थनगर जिले के ग्राम परसा सुकुरुल्ला निवासी अलाउद्दीन कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों से गोवंशीय पशुओं को एकत्र करते और फिर उन्हें वाहनों के जरिए दूसरे राज्यों तक पहुंचाते थे। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
चारों आरोपी पहले से कई मुकदमों में नामजद
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके खिलाफ बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आबकारी अधिनियम और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी।
गैंगस्टर एक्ट में वांछित आरोपियों पर शिकंजा
महराजगंज तराई थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस गिरोह की गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और कानून के दायरे में आने वाले सभी आरोपियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
गोवंश तस्करी से अर्जित संपत्ति भी होगी कुर्क
अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, पुलिस अब गोवंशीय पशुओं की कथित तस्करी और वध के जरिए अर्जित की गई संपत्ति को भी चिन्हित करेगी। जांच में अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति सामने आने पर उसे कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई कर ऐसे गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई से तस्करी नेटवर्क पर बढ़ा दबाव
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच गिरोह के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। यह पता लगाया जा रहा है कि पशुओं को किन इलाकों से एकत्र किया जाता था, परिवहन में किन वाहनों का इस्तेमाल होता था और बिहार में उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, अवैध गोवंश तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जांच के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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