
Uttarakhand News: उत्तराखंड के बागेश्वर में महाष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। बाबा बागनाथ की नगरी में सरयू और गोमती नदियों के संगम पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ। संगन के दोनों तटों पर हजारों दीप जलाए गए, जिससे पूरा घाट रोशनी से जगमगा उठा। इस खास आयोजन को देखने और मां सरयू की आरती में शामिल होने के लिए जगमगा उठा। इस खास आयोजन को देखने और मां सरयू की आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देर रात तक संगम इलाके में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
मां सरयू की भव्य आरती में शामिल हुए श्रद्धालु

आपको बता दें कि, महाअष्टमी के अवसर पर सरयू नदी के तट पर मां सरयू की भव्य आरती की गई। रंग-बिरंगी रोशनी के बीच हुए इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां सरयू से सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के दौरान घाटों पर भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। इसके बाद नदी के दोनों किनारों पर दीपदान किया गया। जलते दीपों की कतारों ने संगम की सुंदरता को और बढ़ा दिया। श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को अपने लिए खास और यादगार अनुभव बनाया।
दीपदान और आतिशबाजी ने बढ़ाई घाटों की रौनक
दीपोत्सव के दौरान सरयू-गोमती संगम के दोनों तट हजारों दीपों की रोशनी से चमकते नजर आए। घाटों पर दीपदान के साथ हुई आतिशबाजी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी और नदी किनारे जलते दीपों का नजारा आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालु भी घाटों पर पहुंचे। महाअष्टमी की शाम ने बागेश्वर में धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक उत्सव की सुंदर झलक पेश की।
विधायक पार्वती दास ने किया दीपदान कार्यक्रम का शुभारंभ
दीपदान कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक पार्वती दास ने किया। उन्होंने महाअष्टमी पर आयोजित दीपोत्सव को आस्था और संस्कृति का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, दीपों का प्रकाश जीवन में आशा, सकारात्मकता और अच्छाई का संदेश देता है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में एकता और सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी दीपदान कर धार्मिक उत्सव में सहभागिता की।
देवी पूजा महोत्सव में विशाल भंडारे का आयोजन
महाअष्टमी के अवसर पर देवी पूजा महोत्सव समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समिति के अनुसार, हर वर्ष इस अवसर पर भंडारा आयोजित किया जाता है। इससे धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को प्रसाद वितरित किया जाता है और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या, उमेश साह, नवीन रावल, विजयपाल मटियानी और नवीन लाल साह सहित कई लोग मौजूद रहे। महाअष्टमी पर आयोजित दीपोत्सव ने बागेश्वर की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर सामने रखा। सरयू-गोमती संगम पर दीपदान, आरती और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालुओं ने पर्व को भक्ति और उत्साह के साथ मनाया।
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