Badrinath Temple: बद्रीनाथ धाम चोरी कांड में बड़ा खुलासा, आरोपी प्रमोद गिरफ्तार

बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामले में उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है।

Badrinath Temple

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 13, 2026

Badrinath Temple: बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान चोरी के मामले में उत्तराखंड पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक शालिग्राम पत्थर और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। हालांकि, तलाशी में अभी तक नकद राशि नहीं मिल सकी है, लेकिन पुलिस अब आरोपी की रिमांड मांगकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है। चमोली के एसएसपी सुरजीत सिंह पंवार ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

Bullet Train Update: अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लान, 15 अगस्त 2027 से शुरू होगी पहली सेवा

कौन है प्रमोद नौटियाल और क्या है आरोप?

प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के निजी सहायक (PA) के पद पर तैनात था। दान प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। मंदिर समिति द्वारा गठित चार सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में नौटियाल को दोषी पाया, जिसके बाद चमोली पुलिस ने उसके खिलाफ FIR दर्ज की। हालांकि, अपने निलंबन और FIR को चुनौती देने के लिए प्रमोद ने उत्तराखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर 17 जुलाई को सुनवाई होनी है।

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का पर्दाफाश CCTV फुटेज के आधार पर हुआ। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि प्रमोद नौटियाल दान की गणना करने वाले कक्ष में बार-बार आ-जा रहा है। फुटेज में वह कैश, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और दान के लिफाफे छिपाते हुए कैद हुआ है। एक दृश्य में उसके हाथों में 500 और 100 रुपये के नोटों के बंडल साफ देखे जा सकते हैं, जिन्हें लेकर वह अपने केबिन की ओर जाता हुआ नजर आता है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, आरोपी ने दान पेटी से लगभग 10,000 से 12,000 रुपये तक की नकदी चुराई है।

कैसे उजागर हुआ यह मामला?

बद्रीनाथ धाम में दान की चोरी का यह चौंकाने वाला मामला 2 जुलाई को तब सामने आया, जब दान की गणना के दौरान भारी गड़बड़ियां पाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया और एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त कर रहे हैं, जो अपनी रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपेंगे।

जांच का दायरा बढ़ा

वर्तमान में इस मामले की जांच चार स्तरों पर चल रही है:

उत्तराखंड पुलिस: मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

विशेष जांच दल (SIT): विस्तृत जांच और बरामदगी का जिम्मा संभाल रही है।

BKTC विभागीय समिति: आंतरिक स्तर पर अनियमितताओं की जांच कर रही है।

उच्च स्तरीय राज्य समिति: गढ़वाल मंडल आयुक्त के नेतृत्व में पूरे प्रकरण की व्यापक समीक्षा कर रही है।

प्रमोद नौटियाल का गिरफ्तार होना इस जांच की दिशा में एक बड़ा मोड़ है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान दान चोरी के इस रैकेट से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित सहयोगियों का भी पता चल सकेगा। फिलहाल, धार्मिक आस्था के इस केंद्र में हुई चोरी ने प्रबंधन प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP PCS Transfer : UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 182 PCS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के SDM बदले